ईमानदारी

समाज सुधार करने अपील--डॉ. निरूपमा गौरहा,

वर्तमान परिवेश में हर क्षेत्र में कौरवों की फौज खड़ी हो रही है । आज दुराचारी, अशिष्ट पद और पैसा के लोभी छल, कपट से परास्त करने वाले ही शिरोमणि सरताज पहने हुए हैं। शिक्षित समाज में भी अब आत्मा और जमीर बिकाऊ हो गया है । ईमानदारी के रास्ते में सिर्फ अपना जुता घिसना पड़ता है । भ्रष्टाचार के आरोपी पर

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ईमानदारी पर नजर रखने वाली नजरों का अकाल

धन्य है हमारा देश जिसका संस्कृति सभ्यता और भाईचरा का हम गुणगान करते नहीं थकते । हमारे विरासत में हमें हारने की आदत मिली है । आज भी हम हार रहे हैं । अंतर इतना है कि पहले दूसरे हराते थे अब हम अपनों से हार रहे हैं हमारा देश विशाल है साथ ही महान भी जितने भगवान और संत हमारे यहां जन्म लिये उसके अनुपात

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