कान्यकुब्ज स्नेह एवं परिचय सम्मेलन

संगठन में शक्ति, शक्ति से विकास और विकास से वैभव के उद्देश्य को लेकर कान्य कुब्ज सभा शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आशीर्वाद भवन बैरन बाजार में छत्तीसगढ़ स्तरीय कान्यकुब्ज स्नेह सम्मेलन 2013 का प्रथम आयोजन किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ के जिलों से कान्य कुब्ज संगठनों के पदाािधकारी एवं सदस्यों ने संगठन विषय को लेकर अपने विचार रखे इस सम्मेलन में प्रमुख रूप से बिलासपुर से डॉ. श्रीमती आरती पाण्डेय ने कान्यकुब्ज विप्रजनों की एकता को लेकर अपनी बात कही ौर कहा कि समय आ गया है कि हमें एकजुटता से समाज को संगठित कर सामाजिक उत्थान की दिशा में सोचना होगा। उत्थान से निश्चित ही और विषय जुडक़र सभी क्षेत्रों का विकास करना चाहिए । रायगढ़ से श्री शैलेष बाजपेयी ने युवा कान्यकुब्जा को आगे आने की बात कही और संगठित होकर उत्थान की दिशा में बढऩा चाहिए । राजनांदगांव से श्री प्रकाश शुक्ल ान वैचारिक समानता की बात कही कहा कि ब्राह्मण हमेशा से मार्गदर्शक रहा है । ब्राह्मणों के बिखराव से अन्य लोगों ने उसके नेतृत्व के पदों का फायदा उठाया और हम पीछे की ओर चले गए। भिलाई से श्री बी.एम. के बाजपेयी ने कहा कि विकृत सोच को परिवर्तित कर एवं अपने अहम को भूलकर सामाजिक उत्थान के लए संगठित होने की आवश्यकता आन पड़ी है । स्थिति यह है कि अब नहीं तो फिर कभी नहीं वाली स्थिति से हम गुजर रहे हैं। भिलाई कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच के अध्यक्ष श्री राधे गोविन्द बाजपेयी ने भी संगठन को लेकर अपनी चिंता बताई । रायपुर कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडलके इस प्रयास में हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। भिलाई से पधारे श्री गुरू प्रसाद तिवारी श्री उमाकांत मिश्र, श्री श्यामकांत शुक्ला ने भी सम्मेलन में अपने विचार रखे और कहा कि युवाओं को बुजुर्गों के मार्गदर्शन में एक जुटता का परिचयदेकर समाज को पुन: सिरमौर बनाना होगा। नेतृत्व क्षमता को पुन: स्थापित करना होगा। बलौदा बाजार से श्री संतोष शुक्ला भाजपा नेत्री श्रीमती करूणा शुक्ला ने बिखरे ब्राह्मणों को अब एक होकर कुछ करने के लिए कहा। अहम त्यागे, एक हो जाए, नहीं तो पीछे है पीछे ही रह जाएंगे इस बात पर बल दिया। समाज संगठित होगा तो प्रतिष्ठा को पुन: प्राप्त करेगा। श्री वीरेन्द्र पाण्डे ने भी विप्र जनों की एकता पर बल दिया और कहा कि जब अन्य संगठित होकर अपने को प्रतिष्ठित कर सकते हैं और देश में राजनीतिक क्षमता को प्राप्त कर सकते हैं तो ब्राह्मण जो सदा से नेतृत्व कर्ता रहा है वो ये कार्य पुन: क्यों नहीं कर सकता।
रायपुर काव्य कुब्ज सभा शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री अरूण शुक्ल, कार्यकारिणी सदस्यों तथा स्नेह सम्मेलन के संयोजक द्वय हेमंत तिवारी, श्री आलोक तिवारी, अथक प्रयासों से कान्य कुब्ज विप्र एकता को लेकर आयोजित स्नेह सम्मेलन संगठित होने को वचनबद्धता के साथ पूर्ण रूप से सफल रहा।
स्नेह सम्मेलन में कान्यकुब्ज समाज के वरिष्ठ एवं आर्शिवाद भवन की नींव एवं वर्तमान आकार को साकार करने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले कान्यकुब्ज विप्र श्री शैलेन्द्र तिवारी श्री अशोक त्रिवेदी, श्री आर.एस. अवस्थी, श्री वीरेन्द्र पाण्डे, श्री राजेन्द्र शुक्ला, श्री शरद शुक्ला का शाल श्री फल से सम्मान किया गया। इसी कार्यक्रम के साथ ही दो दिवसीय युवक युवती परिचय सम्मेलन का भी प्रथम बार सफल आयोजन सम्पन्न हुआ ।

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