शाजापुर । भारत में बुराईके प्रतीक रावण को जिस प्रकार से दशहरे के दिन जलाया जाता है उसी तरह से मध्यप्रदेश के शाजापुर शहर ेंदीपावली बाद दसवें दिन कार्तिक दशमी को कंसका वध हर्षोल्लास के साथ किया जाता है। कंस वधोत्सव समिति के दुर्गाशंकर मालवीय ने बताया कि दीपावली के बाद कार्तिक दसमी पर शहर में कंस वध किया जाता है । उन्होंने बताया कि पूरे देश मे ंब्रज भूमि मथुरा और प्रदेश के मालवा अंचल के शाजापुर शहरमेंकंस का वध किया जाता है।
शाजापुर में कंसवध का आयोजन लगभग 128 वर्षों से परंपरागत तरीके से किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि कार्तिक दशमी के दिन देवताओं, राक्षसों, भगवान श्रीकृष्ण एवं बलराम के किरदारों के पात्रों का विशाल चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से निकाला जाता है । चल समारोह के दौरान स्थानीय चौक बाजार में भगवान श्री कृष्ण एवं बलराम का राक्षसों से वाकयुध्द का संवाद होता है । संवादों के माध्यम से पात्र एक दूसरे पर हमला करते हैं श्री मालवीय ने बतायाकि कार्तिक दशमी पर निकाले जाने वाले चल समारोह के बाद कंस चौहारे पर 35 फीट ऊंचे मंच पर बनाये गए कंस के पुतले का वध रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण और बलराम द्वारा किया जायेगा ।
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