क्षतिग्रस्त धार्मिक स्थलों की जानकारी मांगी

सुप्रीम कोर्ट अदालत ने षतिग्रस्त हुए मुस्लिम धार्मिक स्थलों को मुआवजा दिए जाने की मांग से जुड़े मामले में गुजरात राज्य सरकार को सर्वेक्षण करा कर 2002 के दंगों में क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों की जानकारी मांगी है. न्यायामूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायामूर्ति दीपक मिश्रा ने राज्य सरकार से ये भी बताने को कहा है कि दंगों में प्रभावित हुए धार्मिक स्थलों के निर्माण और मरम्मत के लिए कितनी रकम की जरूरत होगी. अदालत ने ये निर्देश गुजरात सरकार की तरफ से दायर उस अपील पर दिया है जिसमें धार्मिक स्थलों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिए जाने के गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी”वरिष्ठ पत्रकार अजय उमठ सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक और झटका मानते हैं. उनका कहना है, “गुजरात सरकार को ये झटका पहले भी लग चुका है जब फरवरी में हाई कोर्ट ने कहा था कि आपको मुआवजा देना पड़ेगा. इस्लामिक रिलीफ कमेटी के अनुसार दंगों में कुल 535 धार्मिक स्थलों को नुकसान हुआ था जिनमें से दर्जनों स्थलों की मरम्मत होनी अभी बाकी है
सरकार की इस दलील में , धार्मिक स्थलों के निर्माण और मरम्मत पर सरकारी पैसे को खर्च नहीं कर सकता. उनके मुताबिक, “अंबाजी मंदिर, सोमनाथ मंदिर और द्वारकाधीश जैसे कई मंदिरों में राज्य सरकार खुद ट्रस्टी है और वहां ट्रस्टी ही कलेक्टर होता है. ऐसे में इस दलील में दम नहीं दिखता कि धार्मिक स्थलों में सरकार की दखंलदाजी नहीं होनी चाहिए. सरकार इन मंदिरों में काफी मरम्मत भी करवाती है.” धार्मिक स्थलों के लिए मुआवजे के इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीति गर्मा सकती है क्योंकि जल्द ही राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने हैं

Tags: