गोस्वामी तुलसीदास

भक्तिकाल के महाकवि गोस्वामी तुलसीदास

हिन्दी साहित्य के स्वर्णकाल नाम से अभिहित भक्तिकाल की सगुण भक्ति धारा में महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी लोकप्रियता, उत्कृष्टता और प्रभावशीलता सभी स्तरों पर अद्वितीय है ।

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गौड़ ब्राह्मण समाज भिलाई द्वारा परिचय सम्मेलन

परशुराम जयंती के भव्य आयोजन भिलाई । गौड़ ब्राह्मण समाज भिलाई द्वारा श्री परशुराम जयंती पर परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया । इस मौके पर छत्तीसगढ़ उड़ीसा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश राज्यों से स्वजातीय बंधु शामिल हुए 145 युवकों और 34 युवतियों ने मंच पर आकर परिचय दिया। युवक- यवुतियों के अभिभावकों ने भी

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तुलसी जयंती

जगह-जगह मनाई - तुलसी जयंती- संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती पर सामाजिक, साहित्यिक संगठनों द्वारा विविध कार्यक्रम और रामचरित मानस केपाठ का आयोजन किया गया । साहित्यकारों ने तुलसीदास रचित 13 प्रामाणिक ग्रंथों को चर्चा की और कहा कि रामचरित मानस उनकी अलौकिक कृति है इसके अलावा गीतावली, विनय प

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संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास

जगह-जगह मनाई - तुलसी जयंती
रायपुर । संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती पर सामाजिक, साहित्यिक संगठनों द्वारा विविध कार्यक्रम और रामचरित मानस केपाठ का आयोजन किया गया । साहित्यकारों ने तुलसीदास रचित 13 प्रामाणिक ग्रंथों को चर्चा की और कहा कि रामचरित मानस उनकी अलौकिक कृति है इसके अलावा गीतावली, विनय पत्रिका, दोहावली आदि ग्रंथों की भाषा और निर्मलता को अद्भुत बताया ।

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भारत के जन मानस पर तुलसी का अधिकार

गोस्वामी तुलसीदास हिन्दी साहित्य के इतिहास में भक्तिकाल की सगुण भक्ति शाला की राम काव्यधारा के प्रतिनिधि कविके रूप में आदरणीय हैं । तुलसीदास रामचरित मानस जीवन की समग्रता को लेकर चलने वाली एक कालजयी रचना है जिसकी जड़े भारत की धरती में है । मानस आज अत्यधिक लोकप्रिय तथा जन जीवन के सर्वाधिक निकट लक्ष

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राम एक रामायण अनेक

राम कथा के प्रणेता के रूप में वाल्मीकि रामायण का नाम सर्वप्रथम लिया जाता है । वाल्मीकि रामयाण को स्मृत ग्रंथ माना गया है इस ग्रंथ की रचना माता सरस्वती की कृपा से हुई थी । इस ग्रंथ को ॠतम्भरा प्रज्ञा की देन बताया जाता है । रामायण की रचना संस्कृत भाषा में हुई है ।

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