घर से हो चरित्र निर्माण

ajay tripathi,vipra,

घर से हो चरित्र निर्माण तब होगा समाज-देश-महान --- भारत में आज भी सामाजिक सुरक्षा का काम परिवार करता है। जिस कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा बोझ नही पड़ता । परिवार केन्द्रित समाज की अर्थव्यवस्था होने के कारण से भारत की घरेलू बचत दर दुनिया में सब से ज्यादा 36 प्रतिशत है। जो भारत को समुचित विकास की गति प्रदान करने वाली है।भारत अपने ज्ञान और बुद्वि के कारण ही हजारो वर्षो तक समृद्ध और शक्तिशाली देश बना रहा है । भारत की यही मेघा आने वाले समय नें भी भारत को महाशक्ति बनाएगी। आज भी भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके लोगो की प्रखर बुद्वि और ज्ञान है। यह ज्ञान ही हमें श्रेष्ठ बनाता है । ज्ञान के बलबुते ही हमारा विप्र समाज सिरमौर रहा है।
हमारे समाज में लोगों को अक्सर उनकी योग्यता से ही जाना जाता है लेकिन योग्यता से ज्यादा बड़ा गुण चरित्र है। हमें हमारे चरित्र से बड़ी पहचान मिलती है। आधुनिक समाज में अब चरित्र पतन प्रमुख व्यापक हो रहा है । आप किसी को अब यह नहीं कह सकते कि इस तरह का आचरण मत करो, ऐसे कपड़े मत पहनो। शराब मत पीयो, नशा मत करो। नैतिक मूल्यों को बचाओ। ये वर्तमान काल में युवाओं की पहचान बनते जा रहे हैं जो कि हमारे चारित्रिक पतन के कारण है। समाज में नैतिकता की पुनसर््थापना ही सारी समस्याओं का समाधान है। इसका हमे प्रयास करना होगा कि हम हमारे घरों से ही संस्कारों और चरित्र निर्माण की पहल करें। इसलिए हर परिवार में एक लडक़ी जरूरी है।
समाज में कन्या-भ्रुण हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। दुर्भाग्य है कि संपन्न तबके में यह कुरीति ज्यादा है। स्त्री-पुरुष लिंगानुपात में कमी हमारे समाज के लिए कई खतरे पैदा कर सकती है। हिन्दु समाज में स्त्री का माँ और देवी तुल्य स्थान है। इसकी पूजा और सम्मान समाज के लिए दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। बच्चे की मां जन्म से उसे गुरू के समान शिक्षा दीक्षा आदर और चरित्र के अलावा सामाजिक मान्य और मान्यताओं को बताती है। घर में एक स्त्री पुरे घर की शोभा होती है। और उससे घर का वातावरण शुद्ध और अनुकूल बनता है। स्त्री के अभाव में चारित्रिक पतन बढता जा रहा है स्त्री माँ बहन और पत्नी के रूप में परिवार के दो चक्कों के समान जरूरी और आवश्यक है जिसके अभाव में समाज का चलना असंभव है। इसलिए आइये उच्च आदर्शों से युक्त चरित्र निर्माण के लिए उपयोगी स्त्री भ्रूण हत्या बंद करने उचित वातावरण निर्माण का प्रयास करें।

अजय त्रिपाठी
अध्यक्ष विप्र वार्ता परिवार

Tags: