परिवार व समाज में सामंजस्य जरुरी

शक्ति छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण महिला समाज का पहला वार्षिक सम्मेलन विप्र भवन में आयोजित किया गया । इसमें मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व प्राचार्य प्रो. श्यामा पांडेय ने कहा कि किसी भी समाज का विकास मुख्यत: प्रशिक्षण व प्रेरणा पर आधारित है । उन्होंने कहा कि परिवार व समाज मे सामंजस्य जरुरी है । इससे जीवन की कठिनाईयों को दूर किया जा सकता है ।

शक्ति छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण महिला समाज द्वारा आयोजित प्रथम वार्षिक सम्मेलन में रायपुर शहर सहित बेमेतरा, बिलासपुर, महासमुंद, दुर्ग के प्रतिनिधि शामिल थे । सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. करुणा पांडे ने की । विशिष्ट अतिथि के रुप में श्रीमती कांति मिश्रा उपस्थित थी ंसमाज की सचिव श्रीमती सरिता शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में अतिथियों के सत्कार उपरांत शक्ति छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण महिला के गतिविधियों की जानकारी समाज के अध्यक्ष श्रीमती रत्ना मिश्रा ने प्रस्तुत की । सम्मेलन के प्रथम सत्र सामाजिक स्थिति पर विचार व्यक्त करते हुये निरुपमा शर्मा ने कहा कि अगर नारी चाहे, तो समाज का कोई भी लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकती है ।

प्रभा दुबे ने कहा कि सभी लोगों को एकजुट होकर एक मंच पर आकर सामाजिक उद्देश्य की प्राप्ति के लिये प्रयास की आवश्कता है । विभा तिवारी ने कहा कि किसी भी महिला को समाज के लोग परेशान नहीं करते, बल्कि घर के पुरुष ही रोक-टोक एवं विरोध करते हैं । यदि सही काम हो, तो किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है । समाज में सबका सम्मान करते हुये अपने कर्त्तव्य मार्ग पर चलते हुये अपना अलग स्थान बनाना चाहिये ।

अंतिम सत्र में अध्यक्षीय आसंदी से डॉ. करुणा पांडे ने कहा कि समाज व परिवार केर् कत्तव्यों का निर्वहन एवं संतुलित व्यवहार से पारिवारिक विघटन को कम किया जा सकता है । सम्मेलन के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती श्यामा चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ी राज्य निर्माण के छ: वर्षों में छत्तीसगढ़ियों को पर्याप्त सम्मान नहीं मिल सका है । बिना मांगे सम्मान पाने के लिये आदर्शों पर चलना चाहिये । विशिष्ट अतिथि श्रीमती कांति मिश्रा ने कहने से ज्यादा विचारों को कर्म रुप में करने की सलाह दी । श्रीमती कांति मिश्रा को उनके सामाजिक कार्यों के लिये शाल, श्रीफल स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया ।

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