वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन इंडिया की राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक

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रन फॉर हिस्ट्री व ब्राह्मण डेवलपमेंट बोर्ड बनाने का प्रस्ताव पारित -अन्य राष्ट्रीय व सामाजिक मुद्दे पर चर्चा। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि ने भाग लिया
सूरजकुंड(हरियाणा)--- वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन इंडिया चैप्टर के राष्ट्रीय अधिवेशन में रन फॉर हिस्ट्री व ब्राह्मण डेवलपमेंट बोर्ड का प्रस्ताव पारित किया गया । इस अधिवेशन में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियो ने हिस्सा लिया । इसका आयोजन सूरजकुंड स्थित राजहंस में किया गया ।
फेडरेशन के मुख्य महासचिव आर एस गोस्वामी व युवा इकाई के अध्यक्ष पंडित शशिकांत शर्मा ने बताया कि अधिवेशन की अध्यक्षता पंडित मांगेराम शर्मा करेंगे। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा गीता, रामायण सहित नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास की सराहना की गयी । आंध्रप्रदेश की तर्ज पर पूरे देश व हरियाणा प्रदेश में ब्राह्मण डेवलपमेंट बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया। बोर्ड ब्राह्मण समाज के कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित होकर काम करे। इसके लिए फेडरेशन द्वारा प्रयास किया जा रहा है। धार्मिक मुद्दों का हल शंकराचार्यों की समिति द्वारा हो, पुजारियों व उनके परिवार के कल्याण के लिए ठोस नीति बने आादि जैसे मुद्दों को भी अधिवेशन के एजेंडे में रखा गया है। छात्रों को भारत की गौरवमयी इतिहास पढ़ने को मिले। इसे ध्यान में रखकर फेडरेशन द्वारा 13 फरवरी को दिल्ली में रन फॉर हिस्ट्री का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में इस यात्रा की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।इन राज्यों से भाग ले रहे हैं प्रतिनिधि:दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, गुजरात आदि।
यह है प्रमुख बिंदु, जिस पर होगी चर्चा
-जातिगत आरक्षण का विरोध, आर्थिक आरक्षण का समर्थन
-संसद में आर्थिक आरक्षण के लिए प्रश्न उठे, इसके लिए प्रयास
-प्रशासनिक व बोर्ड, निगम में अधिक संख्या में ब्राह्मण प्रतिनिधियों की नियुक्ति कराना
-अन्य जातियों व घरानाओं के साथ मजबूत संबंध बनाना
-सरकार की पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा व स्वास्थ्य योजनाओं के साथ मिलकर ब्राह्मण समाज के लिए रोजगार की व्यवस्था करवाना
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सांस्कृतिक गतिविधियों को गति देने पर होगी चर्चा
-वैदिक इतिहास व संस्कृति में सुधार के लिए रन फॉर हिस्ट्री
-मीडिया में धर्म, इतिहास व संस्कृति के क्षेत्र में नेतृत्व स्थापित कराना
-विद्वानों, प्रतिभाओं, नेताओं का सम्मान
-चिंतन गोष्ठियों का आयोजन
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संगठनात्मक रूप से चर्चा का विषय
-साल में दो बार सम्मान समारोह का आयोजन। विभिन्न स्थानों पर
-चिंतन गोष्ठी साल में तीन बार विभिन्न स्थानों पर
-राष्ट्रीय डायरेक्टरी का निर्माण
-सदस्यता अभियान का श्रीगणेश, 10 लाख ब्राह्मण साधारण सदस्य बनाना,
-1 लाख सक्रिय सदस्य, 10 हजार पदाधिकारियो का मनोनयन
- राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय कोष का निर्माण
-ब्राह्मणों के इतिहास का निर्माण
-सोशल मीडिया का समाज के हित में उपयोग

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