विनोद शंकर शुक्ल, एक गुरू एक मित्र

विनोद शंकर शुक्ल,अजय त्रिपाठी, डाॅ सुधीर शर्मा
विनोद शंकर शुक्ल,अजय त्रिपाठी, डाॅ सुधीर शर्मा
विनोद शंकर शुक्ल,अजय त्रिपाठी, डाॅ सुधीर शर्मा

नगर की सामाजिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समितियों ने श्रंद्धाजली सभा का आयोजन कर स्व. विनोद शंकर शुक्ल को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।आशीर्वाद भवन में वरिष्ठ व्यंग्यकार एवं पत्रकार प्रभाकर चैबे की अध्यक्षता में सुशील त्रिवेदी, गिरीश पंकज, डाॅ चितरंजन कर, वीरेन्द्र पांडेय, संजीव ठाकुर, अजय त्रिपाठी, डाॅ सुधीर शर्मा, आदि ने संबोधित करते हुये स्व. विनोद शंकर शुक्ल को व्यंग्य को विधा के रूप में स्थापित करने के लिये कलम के माध्यम से किये गये कार्य व्यंग्य शति पत्रिका के प्रकाशन को मील का पत्थर बताया।
स्व. शुक्ल नगर की पत्रकारिता शिक्षा में गुरू के रूप में अनेक पत्रकारों को अपने अनुभवों से न केवल प्रेरित किया वरन् व्यवहार से मित्र तुल्य बनाकर दीर्घकाल तक अपनी लेखनी को जीवित रखने की कला सिखायी। श्री प्रभाकर चैबे ने व्यक्तिगत संबंधो से परे साहित्यिक विचार गोष्ठियों मे अपने देश भ्रमण को याद करते हुये द्वारिका और रामेश्वरम् सहित चारो धाम की यात्रा को वर्णित किया । गिरीश पंकज ने गुरू और मित्र के व्यवहार को चित्रित करते हुये स्व. शुक्ल को देश का वरिष्ठतम् व्यंग्यकार बताया। डाॅ सुशील त्रिवेदी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिबध्दता से परे उनका व्यंग्य लेखन रहा और उनके पिता श्री स्वराज प्रसाद त्रिवेदी के साथ एक लंबा समय व्यंग्य एवं पत्रकारिता में उन्होने बिताया। डाॅ सुधीर शर्मा ने घोषणा की है कि उन पर केंन्द्रित छत्तीसगढ़ मित्र मासिक पत्रिका का आगामी अंक शीघ्र प्रकाशित किया जायेगा।
कार्यक्रम का संचालन अजय किरण अवस्थी एवं प्रकाश अवस्थी ने किया । प्रांरभ में सभी ने पुष्पांजली अर्पित की एवं अंत में दो मिनट का मौन रख श्रंद्धाजली दी ।इसके पूर्व सभा में श्रीमती मंजुला श्रीवास्तव, शिवानी मोईत्रा ने कविता पाठ द्वारा श्रंद्धाजली दी एवं नर्मदा मिश्र ,उर्मिला उर्मि, मीनाक्षी बाजपेयी, आशुतोष मिश्रा हेमंत तिवारी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शैलेन्द्र तिवारी रज्जन अग्निहोत्री, शकुंतला तिवारी, गिरजाशंकर दीक्षित, राजेश दीक्षित आलोक तिवारी, मुकेश शाह गुणानिधि मिश्रा हर्ष श्रीवास्तव दिलीप झाॅ जितेन्द्र शुक्ला राजेन्द्र निगम ज्ञान शंकर बाजपेयी विमल शुक्ला प्रीति निगम सतीश शर्मा अखिलेश्वरी शुक्ला राघवेन्द्र पाठक सहित परिवार जनों में पुत्र अपराजित शुक्ल भाई राजकुमार शुक्ल उपस्थित थें।

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