अगस्त-2007

प्रथम महिला राष्ट्रपति का निर्वाचन सम्पन्न

प्रतिभा पाटिल का जलगांव से रायसीना हिल्स तक का सफर

देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल करने वाली श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का जन्म 19 दिसंबर 1934 को महाराष्ट्र के जलगांव जिले में हुआ था । उनके पिता का नाम श्री नारायण राव था । जलगांव के मूलजी जेठा कालेज से ए ए और बंबई के ला कालेज से कानून की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने जलगांव में वकालत शुरु की । वर्ष 1965 में उन्होंने श्री देवीसिंह रणसिंह शेखावत से शादी की उनकी एक पुत्री तथा एक पुत्र है । श्री शेखावत के पूर्वज राजस्थान के सीकर जिले के थे और बाद में जलगांव महाराष्ट्र जाकर बस गए थे ।  read more »

ब्राह्मण ब्रह्म वर्चसी जायताम्

संस्कृत भाषा का शब्द युवा है जिसे अंग्रेजी में अपभ्रंश कर यूथ कहा जाता है । यु-मिश्रणामिश्रणयो: धातु (क्रि।या) से युवा शब्द की सिध्दि होती है । मिश्रण का अर्थ है - सम्मिलित होना अमिश्रण का अर्थ है नहीं मिलना अर्थात् अलग
रहना । युवावस्था में ही मिश्रण अमिश्रण का विश्लेषण कर चरित्र निर्माण तथा संस्कारों का शक्तिपात करने की प्रवृत्ति करनी चाहिए । युवा कार् कत्तव्य है कि उत्साह, साहस, ब्रह्चर्य,1.25 न्याय से मिश्रण तथा असत्य, 15000 दूषित पर्यावरण, आलस्य, प्रमाद, कुसंग आदि से अमिश्रण करना चाहिए । इस युवा व्याख्या से देश के ब्राह्मण युवकों का उत्तरदायित्व बढ़ जाता है जो भी किसी क्षेत्र में भारत निर्माता बने है वह सभी कभी न कभी युवा ही थे और युवावस्था में ही सद्गुणों, संस्कारों का अपने अन्दर समावेश कर महान सिध्द हुए हैं ।  read more »

छत्तीसगढ़ नई सदी में ...

अपार संभावनाओं एवं समस्याओं से घिरे हुए छत्तीसगढ़ का भविष्य किसी ज्योतिषी से कूंडली मिलाने से और न ही कंम्प्यूटर इंटरनेट से बनेगा । छत्तीसगढ़ का भविष्य छत्तीसगढ़ लोगों के हाथ की बात है । विकास की आज सर्वमान्य नीति भूमंडलीकरण वैश्वीेकरण या उदारीकरण माना जाता है ।  read more »

हे विप्र ! ब्रह्मवर्चस जगाओ

भूमण्डल में प्रत्यर्वत्तन गान गाओ ।
हे विप्र ! ब्रह्मवर्चस जगाओ ॥
हुए विस्मृत अतीत के स्वर्णिम पृष्ठ ।
कर्म, धर्म से बन गए धृष्ट ॥  read more »

छत्तीसगढ़ राज्य भूमि विकास बैंक के नये अध्यश्र श्री देवेन्द्र पाण्डेय बने

छत्तीसगढ़ राज्य भूमि विकास बैंक के अध्यश्र श्री देवेन्द्र पाण्डेय, पिता श्री काशी प्रसाद पाण्डेय, उनकी माता श्रीमती शांति देवी पाण्डेय हैं । श्री पाण्डेय की शिक्षा हायर सेकंण्ड्री 1977, बलझ. विद्यालय ग्राम भैसमा जिला कोरबा से एवं स्नातक 1980 कमला नेहरु शासकीय महाविद्यालय कोरबा से प्राप्त की । श्री पाण्डे के पिता श्री काशी प्रसाद पांडेय पेशे से कृषक व ग्राम न्यायालय के पूर्व प्रधान के पद पर रहे हैं ।  read more »

हमें तुम पर नाज है

कु. रश्मि त्रिपाठी, कक्षा - पांचवी में 90.66 % अंक प्राप्त किये । उनके पिता श्री प्रदीप त्रिपाठी एवं माता श्रीमती कल्पना त्रिपाठी  read more »

सुदेश दुबे एक परिचय

पं. सुदेश दुबे साथी, पिता श्री पं. भगवती प्रसाद दुबे बल्लू (सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, बिलासपुर), माताजी श्रीमती विप्रा दुबे हैं उनका विवाह श्रीमती ममता दुबे से संपन्न हुआ । गोंढ़पारा, बिलासपुर छ.ग. निवासी श्री दुबे ने अपने सामाजिक जीवन में - अध्यक्ष-बिलासपुर एडव्हरटायजिंग एसोसिएशन, बिलासपुर, पूर्व अध्यक्ष- कान्यकुब्ज ब्राह्मण युवा मंच, युवा ब्राह्मण अंर्तराष्ट्रीय बिलासपुर संभाग आदि पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए लेखन कार्य में सक्रिय हैं ।

दीवान एवं चटर्जी को बधाई

नगर निगम आयुक्त के रुप में 2002-03 में स्काउट गाईड के अंतर्राष्ट_ीय जम्बूरी के आयोजन में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले श्री एम.डी. दीवान एवं तत्कालीन महापौर व राज्य स्काउट के आयुक्त श्री तरूण चटर्जी का राष्ट्रपति महामहिम डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में स्काउट गाइड के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया । ज्ञानेश शर्मा अध्यक्ष विप्र महा. प्रबंध समिति एवं पूर्व पार्षद एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद द्वारा हार्दिक बधाईयां

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में देश का सबसे बड़ा रसोई घर

देश का सबसे बड़ा रसोईघर पुरी के प्रसिध्द जगन्नाथ मंदिर का है । यहां भगवान जगन्नाथ को महाप्रसाद जिसे अब्धा कहा जाता है, चढ़ाने के लिए तकरीबन 500 खानसामें लगे हैं । 56 विभिन्न प्रकार पे महाप्रसाद चढ़ाने के लिए 300 हेल्पर इन खानसामों की मदद करते हैं । भगवान श्री जगन्नाथ को दिन में छह बार महाप्रसाद चढ़ाया जाता है । रसोई घर 32 कमरों से मिलकर बना है । इसमें 752 स्टोव और9 ख़् मिट्टी के बर्तन है । भोजन में 7 विभिन्न प्रकार के चांवल, चार प्रकार की दाल, नौ प्रकार की सब्जियां और अनेक प्रकार की मिठाईयां परोसी जाती है ।  read more »

छत्तीसगढ़ की संस्कृति राष्ट्रीय एकता के प्रतीक

स्वतंत्रता दिवस अमर रहे

सर्वप्रथम आजादी के 150 वीं सालगिरह एवं स्वतंत्रता के 60 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य परसमस्त विप्र बंधुओं को मैं हार्दिक शुभकामाएं देता हूं । आशा है हम सब मिलकर देश की इस हमारे पूर्वजो द्वारा दिलाई गयी आजादी को अक्षुण बनाये रखने की दिशा में सतत कार्यरत रहेंगे ।  read more »

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