रोज नया समझौता है ।
पर इससे क्या होता है ॥
उनका चेहरा खिल जाता ।
अपना दिल क्यों रोता है ॥ read more »
प्राकृतिक पर्यावरण संतुलन की उपेक्षा की जा रही है कहीं ऐसा ने हो कि एक दिन इस भयंकर भूल का खामियाजा हमें और हमारी भावी पीढ़ी को गलघोंटू, दमा, सांस, टी.वी. , खासी , कफ, हिस्टीरिया, व अस्थमा जैसी गंभीर जानलेवा बीमारियों द्वारा जकड़ लेने के कारण ये ही प्राकृतिक पर्यावरण असंतुलन हमारे लिए मानसिक असंतुलन और भावनात्मक बिखराव का कारण बर जाए ।
हमारे द्वारा आज केवल हवा, पानी, वृक्षों, नदियों , जंगलों पर्वतों आदि को ही पर्यावरण का हिस्सा मानलेने की मारसिकता मात्र ने ही पर्यावरण असंतुलन की समस्या को जन्म दिया है । आज हमें अपनी मानसिक सोच में परिवर्तन लाने की अत्यंत ही आवश्यकता है और हमें पर्यावरण को भी अपने शरीर का अभिन्न अंग तथा वृक्षारोपण व हरियाली ही मानव के जीवन की रेखा है जैसी कठू सत्यता को भी समझना होगा । read more »
विप्र वार्ता के अतिथि संपादक स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ महराज की स्वलिखित पुस्तिका के अंश से स्त्रोतों की भावना एवं उसका भावार्थ को यहां प्रस्तुत कर रहे हैं । जो निरंरतर आपको प्राप्त होगी । read more »
परशुराम जयंती समारोह की तैयारियों के बीच विप्र वार्ता परिवार एवं सर्व ब्राह्मण समाज आयोजन समिति के सदस्यों की एक मतेन राय में राज्य स्तरीय सम्मेलन कराया जाना तय किया गया साथ ही लंबे समय से लंबित एक प्रदेश में परिचय सम्मेलन की आवश्यकता को भी सर्व युवा ब्राह्मण परिषद पूर्ण करने संकल्पित है आगामी सितम्बर माह में प्रस्तावित आयोजन हेतु श्री बीरेन्द्र पाण्डेय, डॉ. प्रकाश नारायण शुक्ला, श्री दशरथ शुक्ला, श्री प्रेमशंकर गौटिया सहित सामाजिक नेतृत्व कर्ता इस दिशा में कार्य कर रहे हैं । आशा है आप सभी का सहयोग एवं सुझाव उक्त आयोजन में हमें प्राप्त होगा कृपया इस संबंध में सर्व ब्राह्मण परिषद के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी से 98271-35055 पर संपर्क कर सकते हैं ।
सामाजिक विकलांग सेवा समिति द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में आज आठ नि:शक्तजनों ने नए जीवन में प्रवेश किया । वे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ में परिणय सूत्र में बंधे । यहां महावीर इंटरनेशनल 'त्रिशला' एवं भाग्योदय सेवा आश्रम छ.ग. एवं सर्वयुवा ब्राह्मण परिषद के सदस्यों ने नवविवाहितों को घरेलू सामग्री उपहार में दिया । read more »
ब्राह्मण समाज में शिक्षित बेरोजगारों की बढ़ती हुई संख्या एवं उनसे35 ङ्गह्न वर्ष के हो रहे बेरोजगार युवा शिक्षा के क्षेत्र में पर्याप्त अर्जन करते हुए एवं शासकीय सेवा की प्रत्याशा मे, धन अर्जन के क्षेत्र में पीछे है । यह कारण कई सामाजिक बुराईयों को जन्म दे रहा है । जैसे रोजगार के अभाव में अविवाहित रहना .... इत्यादि । read more »
नौकरी सुरक्षित जीवन का माध्यम नहीं -निमोणकर
तथा कथित समाज के ठेकेदारों को समय पूर्व सूचना एवं ससम्मान आमंत्रण के बावजूद हितग्राहियों की संख्या से कार्यक्रम संयोजक को हैरानी लाजिमी थी जिसे वे पुरे आयोजन में छुपा नहीं पाये और एक दो अतिथि संबंधनों में उन्हें ढाढस भी बंधाया गया और भविष्य में सहयोग देने का वचन दिया गया । read more »
मेरे विगत पत्र के अर्न्तगत मेरे परामर्श को महत्व दे कर मई एवं जून अंकों में वैवाहिक सूचनाओं को स्थान देकर अत्यंत सराहनीय कार्य किया है जिसके लिए मैं सदैव आपका कृतज्ञ रहूँगा । इधर काफी समय से अभिभावकों की बढ़ती माँग पर पुर्नविवाह योग्य बालक बालिकाओं की प्रथम सूची प्रचार प्रसार एवं जन कल्याणार्थ आपकी प्रतिष्ठा में भी प्रेषित है । - आपका स्नेहाकांक्षी ज्ञान सिंधु पाण्डेय, लखनउ read more »
सृष्टि तेरी मैं देख चकित ।
विशाल धरा, नभ, सूर्य, चन्द्र, तारों से जड़ित ॥
मातृ गर्भ में नन्हें जीव का अद्भुत पोषण ।
लख चौरासी योनियों का विधिवत पोषण ॥
जल, थल, नभ के जीवधारियों का स्पन्दन ।
हर्ष, विषाद, हँसी-ऑंसू, सुख-दु:ख, क्रन्दन ॥ read more »
क्या निजी क्षेत्र की शिक्षा का अंत आने वाला है । एकएक कर के अब राज्य सरकारें स्वशासित कालेजों में भी आरक्षण ला रही है और 50% सीटें पिछड़ों, अनुसूचित जातियों व जनजातियों के लिए सुरक्षित की जा रही हैं । इन कालेजों में केवल कुछ सीटें ही मनमानी फीस पर भरी जा रही है । निजी शिक्षा चलाने के लिए अगर पैसा सरकार से न मिले पर आरक्षित सीटों पर कम फीस हो तो इस का अर्थ होगा कि 30% छात्र ही बाकी 70% का बोझ उठाएंगे । read more »
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