जिस प्रकार इस धरती पर सभी नदियों मे ंगंगा नदी सबसे अधिक पूर्ण फल प्रदान करने वाली पवित्र नदी है, जिसकी तुलना अनय् नदी से की ही नहीं जा सकती इसी प्रकार हिन्दु धर्म में वर्णित सभी व्रतों में गुरूवार व्रत का महात्म पुण्य समस्त व्रतों से अधिक भौतिक एवं आध्यात्मक के क्षेत्र का फल प्रदान करने वाला है। गुरूवार व्रत की तुलना किसी अन्य व्रत से की ही नहीं जा सकती मानव जीवन के लिए यह पारसमणि के समान है ।
हिन्दू धर्म में जहाँ तैंतीस करोड़ देवी देवताओं की मान्यता है तथा अलग- अलग समुदाय, सम्प्रदाय द्वारा जहाँ अलग अलग देवी देवताओं की पूजा, अर्चना, उपासना आदि काल से होती चली आई है वहीं समय समय पर अलग अलग व्रत, उपवासों का क्रम प्रचलन में रहा है । मगर हर काल, में जिन व्रत का महत्व ऋषियों, मुनियों ने सबसे अधिक बताया है वह है गुरूवार को । गुरूवार को बीरवार व ब्रहस्पतिवार के नाम से भी सम्बोधित किया जाता है । read more »
भारत में युवा शक्ति की जनसंख्या 54 प्रतिशत से अधिक है । इस युवा शक्ति से सभी को बहुत उम्मीदें है । भारत को पुन: दिव्य सांस्कृतिक गौरव दिलाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका निश्चित है, इसके लिए आवश्यक है कि युवाओं को धर्म, जाति सम्प्रदाय एवं अन्य वर्ग भेदों से परे अपने अंदर की दिव्य क्षमताओं को विकसित एवं अनुशासित ढंग से प्रयुक्त करने के लिए तैयार किया जाय ।
हर व्यक्ति मे ंदेवत्व बीज रूप में स्थित है, जब स्वभाव में दिव्यता का विकास होगा, तभी व्यक्ति मनुष्योचित आदर्शों पर चलने चलाने में समर्थ सिध्द हो सकेगा । यह विकास केवल कामना करने भर से संभव नहीं है । इसके लिए तो नियमित आध्यात्मिक साधना चाहिए । भारत वर्ष को तथा विश्व मानवता को दिव्यता का लाभ दिलाना है, तो युवाओं को इस दिशा में पूरे जोश खरोश के साथ अनुशासित ढंग से सक्रिय करना होगा ।
युवा संगठन निर्माण की फैक्टरी read more »
छत्तीसगढ़ ब्राह्मण विकास परिषद तह शाखा बलौदा जिला जांजगीर (छ.ग.) के ये विचार –
1. वर्गवाद संगठन बना है ऐसी परिस्थिति में सामान्य वर्ग का अखिल भारतीय संगठन होना आवश्यक हो गया है।
2. अपने अपने समाज का संगठन बना है उसी में प्रतिनिधि लेकर सामान्य वर्ग का भी संगठन बनाने पर अपने विचार प्रदेश देश में रखेंगे ।
3. उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय में अब तक निर्वाचन आयोग दिल्ली रायपुर को पांच जनहित याचिका प्रस्तुत कर न्याय की मांग किया जा चुका है । सभी की प्रतियां आपकी ओर प्रेषित कर रहे हैं ।
4. नौकरी निर्वाचन पर ध्यान दिया जाता है । read more »
विप्र वार्ता राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका आपने मुझे भेजकर कृतार्थ किया है। मेरी समझ से विप्र वार्ता को सिर्फ राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका न होनी चाहिए बल्कि इसे एक आंदोलन का रूप देना चाहिए । ये कैसे हो सकता
है ? जब सम्पूर्ण दुनिया के ब्राह्मण विप्पल गान पंत जी के अनुसार करेंगे तो दुनिया में जो विचार क्रांति होगी वो सम्पूर्ण जन मानस को आंदोलित व परिवर्तित करने की पृष्ठ भूमि तैयार करेगी ।
ब्राह्मण सिर्फ जाति नहीं है एक विचार गाथा है । ब्राह्मण वही है जिसमें ब्रह्म बनने की क्षमता है और ब्रह्म वही बन सकता है जो जीवन के लक्ष्मी विचार धारा का प्रस्फुटन करता है । सर्व युवा ब्राह्मण परिषद के कुछ करने की टीस है, जिसे आपकी भाषा में शायद ललक या इच्छा
है ।
गौतम, कोरबा read more »
पूरे देश में संपूर्ण भूभाग में हजारों वर्षों से करीब 325 ब्राह्मण उपजातियां अपने पूर्वजों के वेदों का संगोपाठ अध्ययन के आधार पर वेद पाठी ऋग्वेदी, चतुर्वेदी, सामवेदी, अर्थवेदी, यजुर्वेदी, चौबे, तिवारी, त्रिपाठी, त्रिवेदी, द्विवेदी, दुबे जैसे नामों से जानी जाती है ।
इसी प्रकार अलग अलग राज्यों में रहने वाले गौड़, मैथिल, मालवीय, द्रविड़, कन्नौजिये, कान्यकुब्ज, सरयूपारीण, आचार्य, पाठक, पुरोहित, याज्ञिक, याचक, अयाचक, त्यागी ब्राह्मण क्षेत्र के अनुसार वहां के पहचान के नाम और कर्म से जाने जाते हैं । इस प्रकार इतने प्रकार के इतने ब्रह्म क्षेत्रों में फैले ब्राह्मण का संगठन की आवश्यकता अनिवार्य हो गयी है । कुछ समर्थ एवं संकुचित दृष्टिकोण वाले इसे जातिवादी संगठन कहकर नकारने का प्रयास करते हैं ।
वैसे हमारे संगठन जातिवादी नहीं क्योंकि यह गैर राजनीतिक संगठन है । और इसका जन्म संपूर्ण समाज को विकास की दिशा देकर राष्ट्र को सशक्त एवं नागरिकों को मुख्य धारा में लाने अपने अहम भूमिका निभाना है । ऐसे संगठन से हमारे विभिन्न बिखरे वर्ग एक दूसरे के करीब आयें समझे और अपने राष्ट्रवादी संकल्प को आगे बढ़ाये । read more »
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