सितंबर 2009

निखिल शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ का इतिहास

निखिल शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ पूर्व नाम अ्खिल शाकद्वीपीय ब्राह्मण सभा की स्थापना सन 1914 ई. मे मिश्रटोला, दरभंगा (बिहार) में हुई थी । जिसके प्रथम अध्यक्ष तथा महामंत्री थे क्रमश: तत्कालीन अयोध्या नरेश स्व. दिग्विजय नारायण प्रताप सिंह और स्व. पं. गिरीन्द्र मोहन मिश्र ।

स्थापना के बाद प्रचारतंत्र का अभाव तथा अन्य सामयिक कारणों से लगभग चार दशकों तक इसका समुचित विकास नहीं हो पाया । यद्यपि अयोध्या में सन् 1928 में एक बड़ी सभा हुई थी जिसमें राजस्थान और बिहार के अग्रणी बंधुओं ने भाग लिया था । दो वर्षों बाद सन 1930 में बहराइच (उ.प्र.) में भी सभा हुई थी ।

इसकी गतिविधियाँ सन 1959 में गया अधिवेशन से क्रमश: बढ़ी । स्व. पं. राजेश्वर दत्त शास्त्री, वाराणसी, स्व. पं. शिवनारायण शर्मा, उदयपुर, तथा स्व. पं. विद्याप्रसाद पाण्डेय, वाराणसी द्वारा संविधान का निर्माण हुआ तथा तत्कालीन अध्यक्ष स्व. पं. देवनन्दन मिश्र द्वारा स्वीकृत किया गया ।  read more »

कामना पूर्ति के लिए गणपति मंत्र

गणपति जी का बीज मंत्र गं है, इनसे युक्त मंत्र ऊँ- गं गणपतये नम: का जप करने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है । षडाक्षर का जप आर्थिक प्रगति व समृध्दिदायक है ।  read more »

Ajay Tripathi's picture

गजल

जिन्दगी की धूप छांव
कभी गाड़ी कभी नांव
प्यार की चुभन मिलन
कभी कांटा, कभी पांव
जुल्म की सौगात यही
कभी मरहम , कभी घाव
बैठी है भूख लेकर
कभी पांसे, कभी दांव ।
जारी है तलाशे सुकूं
कभी शहर, कभी गांव ।.

Shailendra Sharma's picture

श्री सूर्य आरती

श्री सूर्य मंत्र । सूर्य आरती । सूर्य पूजा । सूर्य वंदना । श्री सूर्य वंदना । सूर्य अराधना । श्री सूर्य अराधना । सूर्य अर्चना । श्री सूर्य अर्चना । सूर्य नमस्‍कार । श्री सूर्य नमस्‍कार । सूर्य प्रार्थना । श्री सूर्य प्रार्थना । छठ । छठ पूजा । छठ सूर्य । सूर्योपासना । सूर्य उपासना । श्री सूर्य उपासना । श्री सूर्योपासना ।

जय कश्यपनन्दन, ऊँ जय अदितिनन्दन ।
त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त हृदय चन्दन ।
सप्त- अश्व-रथ-राजित, एक चक्रधारी ।
दु:खहारी सुखकारी, मानस- मलहारी ॥ 2 ॥
सुर-मुनि- भूसुर वंदित, विमल विभवशाली
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरणमाली ॥3॥
सकल-सुकर्म प्रसविता, सविता शुभकारी ।
विश्व-विलोचन मोचन भव बन्धनहारी ॥4 ॥  read more »

रामेश्वरम में सम्मेलन 28 से पांच दिवसीय

अपनी आयु गणना अपने द्वारा लगाए गए जीवित वृक्षों तथा मित्रों से करे अर्थात वार्षिक रोपण करें तथा प्रतिदिन परोपकार करने का प्रयास हो तो पृथ्वी की सभी समस्याएं समाप्त हो जाएगी । प्रत्येक धर्मस्थल में सभी के लिए नि:शुल्क आवास, भोजन, प्रसाद, चायपान की गुरूद्वारा जैसी व्यवस्था की जाये तो संसार की भुखमरी, गरीबी समाप्त हो जाएगी ।

मनुष्य मनुष्य में हर प्रकारकी समता की पारिवारिक भावना रखने वाले केवल मानवतावादी सज्जन विश्व कवि संसद में सहभागिता एवं विजयादशमी 5111 दिनांक 28.09.09 सोमवार से प्रारंभ 5 दिवसीय मानवता यज्ञ सम्मेलन धनुषकोटि रामेश्वर ममें सादर आमंत्रित है। ऊँ नम: शिवाय रामेश्वराय । मानवता कुलम् मित्रता पंजीकरम शुल्कम् रू. 100 ।  read more »

संपादक के नाम पत्र

अपने सर्वब्राह्मण समाज के विषय में आपको जानकारी देना चाहूंगा कि मैं स्वयं बलराम त्रिपाठी जो कि अनूपपुर जिलेकी सर्वब्राह्मण समाज की गतिविधियो ंकी रुपरेखा एवं विस्तारण हेतु प्रयासरत रहता हूं । हमारा निवास नगर (बिजुरी) जो कि मनेन्द्रगढ़ से 16 कि.मी. एवं अनूपपुर से 40 कि.मी. अंम्बिकापुर रेल सेवा लाईन के मध्य का एक छोटा सा नगर है जो कि हसदेव क्षेत्र (कोयलांचल) का मुख्य उत्पादक क्षेत्र से भी जाना जाता है ।

श्री वीरेन्द्र पाण्डे जी एवं श्री अजय त्रिपाठी जी के मनेन्द्रगढ़ प्रवास के दौरान हम सभी ब्राह्मण समाज बिजूरी एवं अनूपपुर के पदाधिकारियों के साथ मुख्यधारा से जुड़ने की पहल की । यहां से लगभग बिजुरी, कोतमा, अनूपपुर, राजनगर, रामनगर, पौराधार आदि विभिन्न जनसंख्या बाहुल्य क्षेत्रों में ब्राह्मण वर्ग की जनसंख्या अत्याधिक है । इसलिए यहां पर पत्रिका एवं सदस्यता का विस्तार अति तीव्र गति से गतिमान हो रहा है ।

मगर पत्राचार एवं डाक सुविधा के ही माध्यम से यहा ंपर इस सामाजिक गतिविधि का तंत्री से विकास हो सकता है। चूंकि इन्टरनेट की सुविधा यहां पर सिर्फ बी.एस.एन.एल. के माध्यम से ही उपलब्ध हो पाती है । इसलिए हमें नेट प्रणाली के उपयोग में अत्याधिक असुविधा का सामना करना पड़ता है और महोदय एक और समस्या यह है कि यहां पर चूंकि यह मध्यप्रधेश में आता है तो बिजली कटौती की समस्या लगभग 4 से 5 घण्टे बनी रहती है ।  read more »

ब्राह्मणों ने किया सामूहिक वैदिक स्नान

रायपुर । श्रावण मास की पूर्णिमा पर बुधवार को प्रात: महादे घाट स्थित खारून नदी में विप्र ब्राह्मणों ने सामूहिक रूप से वैदिक स्नान किया । इस प्रसंग पर संस्कृत महाविद्यालय वेद विभाग के प्राध्यापक डॉ.  read more »

Dhananjay Tripathi's picture

ब्राह्मण समाज की 5 विभूति सम्मानित

सर्व ब्राह्मण समाज ने कर्मचारी भवन के सभागार में शिक्षक दिवस मनाया गया ।

इस मौके पर समाज के 5 विभूतियों को सम्मानित किया गया । इनमें सरयूपारीण ब्राह्मण समाज अध्यक्ष रमाकंत शुक्ला, डॉल्फिन स्कूलके संचालक राजेश शर्मा, सालेम स्कूल के उप प्राचार्य अशोक शर्मा, प्रियदर्शिनी स्कूल चौबे कालोनी की संचालिका श्रीमती सुधा शर्मा व ज्ञानोदय इंग्लिश क्लास आजाद चौक के संचालक अजय मिश्रा शामिल है ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्योतिषाचार्य पं. अनंतधर शर्मा थे ।

Ajay Tripathi's picture

शर्मा एनएफएल के अध्यक्ष

नई दिल्ली । वी के शर्मा ने गुरूवार को नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पद एवं कार्यभार ग्रहण किया । इससे पहले श्री शर्मा एनएफएल में निदेशक तकनीकी के रूप में एनएफएल के निदेशक मंडल में पदस्थ थे उन्हें एनएफएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया था ।

श्री शर्मा इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है और वह 1974 से एनएफएल से जुड़े हए हैं । इन वर्षों के दौरान उन्होंने नंगल, विजयपुर एवं बठिण्डा यूनिटों में विभिन्न रस्तरों पर कार्य किया । वे वर्ष 2004 में बठिण्डा यूनिट के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे इसस पहले वह कारपोरेट कार्यालय में मानव संसाधन विभाग के प्रमुख भी रहे । वर्ष 2006 में श्री शर्मा कंपनी के निदेशक (तकनीकी) के पद पर पदोन्नत हुए ।

वह ब्रह्मपुत्र वेली फर्टिलाईजर कार्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी हैं ।

Ajay Tripathi's picture

श्रध्दांजलि स्व. शिव प्रसाद शर्मा

नवागढ़ तहसील के छोटे से गांव बर्रा में प्रबोधिनी एकादशी (19 अक्टूबर 1919) को स्व. लक्ष्मी प्रसाद शर्मा जी के घर जन्मे बालक का नाम पिता ने शिव में अपनी अपार शर्धा के रूप में शिव प्रसाद रखा । इनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर इंटर मीडिएट अजमेर बोर्ड से उत्तीर्ण की जिसके बाद स्नातक की डिग्री मारिश कालेज नागपुर से प्राप्त की तथा इसी महाविद्यालय से 1944 में इतिहास विषय पर स्नातकोत्तर की उपाधि गोल्डमेडलके साथ अर्जित किये फिर विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के उपरांत वे अधिवक्ता के रूप में अध्यवसाय के लिए जांजगीर को चुनते हुए जीवन पर्यन्त जांजगीर में रह सामाजिक व राजनीतिक तथा कृषि के कार्य में लगे रहे ।

पं. शिव प्रसाद शर्मा जी ने लोकतंत्र की प्रथम सीढ़ी पंचायत से प्रारंभ की तथा 1952 में जनपद सभा के प्रथम अध्यक्ष तथा 1967 तक लगातार इसी पद पर बने रहे तथा मित्रों के बीच चेयरमेन के नाम से विख्यात हुए ।  read more »

Syndicate content