शिरडी - सुदर्शन चक्र मंदिर

शारदापीठ,जगद्गुरु शंकराचार्य,स्वामी स्वरूपानंद

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने साईं बाबा को अवतार मानने से इनकार,ज्योतिष्पीठ एवं द्वारका शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद,यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।। सनातनधर्मी परम्परा में परमात्मा सर्वतन्त्रस्वतन्त्र होता है। वह अपनी इच्छा से ही अपनी लीला का संवरण करता है। पूज्यपाद ज्योतिष्पीठ एवं द्वारका शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने साईं बाबा को अवतार मानने से इनकार करते हुए कहा कि हिंदू देवी - देवताओं के समकक्ष रख उनकी (साईं बाबा) पूजा करना अनुचित है। इसके खिलाफ मुहिम को तेज करते हुए जल्द ही शिरडी में सुदर्शन चक्र के नाम पर मंदिर का निर्माण किया जाएगा।जगद्गुरु ने सन्मार्ग से कहा कि साईं को संत नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि साईं के भक्तों से कहा कि सनातन धर्म में प्रदूषण न फैलाएं व मंत्रों का दुरुपयोग न करें। उन्होंने कहा कि भगवान के अंश सभी में हो सकते हैं मगर वह अंशी नहीं हो सकता है। शिरडी में 25 एकड़ जमीन पर सुदर्शन चक्र मंदिर का निर्माण किया जाएगा। यहां धर्मशाला, गोशाला भी होंगे। सुदर्शन चक्र को प्रत्येक हिंदू जानता है। यह भगवान विष्णु का चक्र है आैर इसका कोई काट नहीं है। इसके साथ ही कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत माता का मुकुट है। गोहत्या सर्वथा बंद हो इस पर जोर देते हुए जगद्गुरु ने कहा कि सरकार अविलंब इस दिशा में कदम उठाकर प्राथमिकता के आधार पर सम्पूर्ण रूप से गोवंश की हत्या पर प्रतिबंध लगाए।

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