संबंध अनुबंध

संबंध अनुबंध हिंदी कविता

हमारे तुम्हारे प्यार के सेतु को जोड़ता हुआ ये संबंध
समन्वय पर आधारित है ये अनुबंध
पवन में ज्यों मन्द घुली रहती है ये गन्ध
गीतों में ज्यों कसा रहता है छन्द
स्वर लहरियों मे ंवंशी की आत्मा है ज्यो रंन्ध्र
प्रेम और विश्वास को समर्पित है ये निबंध

Tags: 

Subscribe to RSS - संबंध अनुबंध