Samman

साहित्यकार डॉ. संध्यारानी सम्मानित

रायपुर । छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ साहित्यकार सम्मान समारोह में साहित्यकार डॉ. श्रीमती संध्या रानी शुक्ला को सम्मानित किया गया । उन्हें राजस्व मंत्री अमर अग्रवाल व राजभाषा आयोग अध्यक्ष पं. श्यामलाल चतुर्वेदी के हाथों शाल, श्रीफल, सम्मान निधि, प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट किये गये ।

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डॉ. महेन्द्र ठाकुर वास्तुविद मणि से अलंकृत

रायपुर । इंडिनय कॉलेज ऑफ एस्ट्रालॉजी एंड एस्ट्रानामी कोलकाता व एशियन एस्ट्रालाजस कांग्रेस के 19 वें अधिवेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एशियन ज्योतिष सम्मेलन में राजधानी रायपुर के प्रख्यात ज्योतिष महाचार्य डॉ. महेन्द्र कुमार ठाकुर को वास्तुवदि मणि की उपाधि से सम्मानित किया गया । सम्मेलन में उन्हें फलित ज्योतिष अंक ज्योतिष, हस्तरेखा व मेडिकल एस्ट्रालॉजी के सत्र में विशेष अतिथि का दर्जा दिया गया । विप्र वार्ता परिवार की ओर से बधाई ।

विभाष को भारतेन्दु हरिशंचद्र पुरस्कार

रायपुर। महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक विभाष कुमार झा को भारतेन्दु हरिशचंद्र राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से सम्माानित किया गया है । दिल्ली के शास्त्री भवन में आयोजित समारोह में केन्  read more »

डॉ. सुरेन्द्र दुबे पद्मश्री से अलंकृत

रायपुर । छ.ग राजभाषा आयोग के सचिव एवं प्रदेश के सुप्रसिद्ध हास्यकवि डॉ. सुरेन्द्र दुबे को राष्टï्रपति भवन में 31 मार्च को राष्टï्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने पद्मश्री से अलंकृत किया । वही अखिल भारतीय टेपा सम्मेलन उज्जैन द्वारा इस वर्ष का टेपा सम्मान डॉ. दुबे को उज्जैन में गया। डॉ. सुरेन्द्र दुबे को टेपा सम्मान 2009 में देने की घोषणा हो चुकी थी, परन्तु अमेरिका प्रवास के कारण उन्होंने सम्मान ग्रहण नहीं किया ।

इस वर्ष उन्हें पुन: टेपा सम्मान 2010 से अलंकृत किया गया है । यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है । विप्र वार्ता परिवार की ओर से बधाईयां ।

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ब्राह्मïणों का हुआ सम्मान

कोरबा । छत्तीसगढ़ सरयूपारीण द्विज परिवार का सम्मान समारोह जय मां भवानी गौशाला कुटुरमाल में किया गया । अपेक्स बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्राह्मïण समाज सदैव से जागरूक रहा है और देश के सतत प्रगति के लिए हमेशा से प्रयासशील रहा है । हर वर्ग के लोगों को शिक्षा दीक्षा देने में महती भूमिक रही है । सशक्त समाज ही संगठित राष्ट्र दे सकता है । बदलते परिवेश में ब्राह्मïण समाज को एकजुटहोकर कार्य करने की आवश्यकता है ।

ब्राह्मïण समाज जब एकत्रित होता है तब समाज एवं देशहित में सकारात्मक परिणाम हासिल होता है । समारोह को संबोधित करते हुए तरूण मिश्रा ने कहा कि प्राचीन काल में राजा महाराजाओं ने ब्राह्मïणों को उसके गुणों एवं योग्यता के कारम विशेष सम्मान देते थे, आज हमारे समाज में ब्राह्मïण का लोप होता जा रहा है उसे हमें स्वयं चरित्र एवं कर्म के आधार पर पुन: प्राप्त करना होगा ।

इस अवसर पर उमेश गौरहा ने कहा कि हम सब अपने संस्कार भूलते जा रहे हैं, बच्चे का जन्म से लेकर मृत्यु तक 16 संस्कार होते हैं उन संस्कारों को अपने बच्चों को सिखाये ताकि भविष्य में उन पर अमल करें । कार्यक्रम का शुभारंभ गौ माता के पूजा अर्चना तथा आरती कर किया गया । इसके पश्चात बालको के कलाकारों द्वारा लोकरंजनी कार्यक्रम की प्रस्तुति की गयी । सांस्कृतिक कार्यक्रम में गरौव तिवारी द्वारा तबला वादन, पं. शिवराज शर्मा द्वार ाभजन एवं टीवी समाचार की प्रस्तुति की गई । इस कार्यक्रम में 51 द्विज बंधुओं को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर ज्योतिनंद दुबे, राजेन्द्र पाण्डेय, सुरेन्द्र पाण्डेय, आर.एन. पाण्डेय, किशोर शर्मा, कामेश्वरधर दीवान, मधुसूदन शुक्ला, विजय शर्मा, सुधीर शर्मा, नंदकिशोर तिवारी, भूपेन्द्र शर्मा, जवाहर शर्मा,पुरूषोत्तम पाण्डेय, के.के. मिश्रा, अशोक शर्मा, उत्तम शर्मा, राजेश तिवारी, श्रीमती मंजूषा शर्मा पं, उमाकांत दुबे, श्रीमती मनोरमा शर्मा, चंचला तिवारी, ज्योति शर्मा, प्रतिबा शर्मा उपस्थित थे ।

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प्रदेश की जनता ने दिलाया सम्मान

पद्म श्री से सम्मानित डॉ. सुरेन्द्र दुबे से साक्षात्कार

रायपुर । छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के सचिव एवं प्रदेश शासन के विशेष कत्र्तव्यस्त अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र दुबे किसी परिचयके मोहताज नहीं है । उन्होंने अब तक पांचहजार से ज्यादा मंचों पर कविता पाठ किया हैा। अमेरिका के तीस शहरों में पचास कार्यक्रम देने के साथ ही दुबई, कनाडा, ओमान, इंडोनेशियम में भी उन्होंने कविता पाठ किया है । छत्तीसगढ़ के जाने माने कविडॉ. दुबे को साहित्य के 7ेत्र में विशिष्टï उपलब्धियों के लिए इस वर्ष पद्मश्री से सम्मानित किया गया है । हरिभूमि ने उनसे खास बातचीत की । प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश-

अपनी शिक्षा एवं अन्य उपलिब्धयों के विषय में बताएं ।

मेरा जन्म दुर्ग जिले के बेमेतरा गांव में सन 1953 में हुआ था । मैंने आयुर्वेद में डिग्री हासिल करने के बाद अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिलकी । मेरा रूझान बचपन से ही काव्य पाठ की ओर था । पहली बार 1985 में मैं मंच पर कविता पाठ करने गया । पहली बार मंच पर प्रस्तुति दे रहा था इसलिए स्वाभाविक रूप से थोड़ा डरा हुआ था लेकिन इसके बाद मुझमें आत्मविश्वास आ गया । मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने में मेरी पत्नी का भी काफी सहयोग रहा । मैंने रायपुर दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से भी कविता पाट किया । उइसके अलावा सब व सोनी टीवी में वाह वाह कार्यक्रम में भी मेरा काव्य पाठ प्रसारित हो चुका है । रायपुर दूरदर्शन के लिये कुष्ठï जनसंख्या नियंत्रण विषय पर मैंने एक फिल्म की पटकथा भी लिखी । मेरे द्वारा रचित कविताएं आईआईटी कानपुर द्वारा इंटरनेट पर प्रसारित की गई है ।

अपनी काव्यात्मक एवं सााहित्यिक उपलब्धियों के संबंध में बताएं -

मेरी दो काव्य संग्रह-मिथक मंथन और किस पर कविता लिखूं प्रकाशित हो चुकी है । इसके अलावा छत्तीसगढ़ी नाटिका नवा सुरूज और छत्तीसगढ़ी हास्य कविता मोर पड़वा गवां गे, सड़क नाटक संग्रह दो पांच का आदमी और नेशनल बुक ट्रस्ट से झूठ का परिणाम नामक कहानी की पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है ।

आपको अब तक कितने सम्मान एवं पुरस्कार मिल चुके हैं ?

मुझे अब तक कई राष्टï्रीय एवं अंतर्राष्टï्रीय सम्मान मिल चुके हैं । इसमें प्रमुक रूप से उत्तरप्रदेश शासन की तरफ से अट्टहास सम्मान, वन एवं पर्यावरम मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय पुरस्कार और कहानी के लिए साक्षरता का राज्य स्तरीय सम्मान और व्यंग्य श्री सम्मान सामिल है । मैंने एककविता अमेरिका के राष्टï्रपति बराक ओबामा के सम्मान में भी लिखी थी, इसके लिए मुझे न्यूयार्क कान्सलावासमें सम्मानित भी किया जा चुका है । अमेरिका के ओहयो राज्य के गर्वनर की तरफ से मुझे लीडिंग इंडियन पोयट का सम्मान दिया गया है ।

पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने का श्रेय आप किसे देना चाहते हैं ?

मैं यह मानता हूं कि हर सफल आदमी की सफलता के पीछे किसी न किसी महिला का हाथ होता है । मेरी सफलता के पीछे मेरी पत्नी का हाथ है । उसके सहयोग एवं त्याग के कारण ही मैं यहां तक पहुंच सका । उसने मेरी कविताओं के लिए बहुत त्याग और का रहा है । इसके अलावा प्रदेश की जनता ने भी पूरा प्यार और सम्मान दिया । मैं अपने इस पद्मश्री को छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित करता हूं जो रात रात भर जागकर मेरी कविताओं को सुनती थी । यह उनका प्यार और सहयोग ही है, जिसने मुझे 18 जिलों की सीमा को पार कर पहले देश के स्तर पर फिर अंर्तराष्टï्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई ।

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हमें तुम पर नाज़ है...

अखिल मिश्र मेरिट में - प्रावीण्य सूची में छठवां स्थान प्राप्त करने वाले अखिल मिश्र ने आईएएस बनकर देश की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है । ज्ञानदीप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत अखिल मिश्र कक्षा10 ङ्क वीं में केवल2 ङ्ख अंकों के कारण मेरिट में स्थान बनाने से चुक गये थे । इसलिए इस वर्ष उन्होंने किसी प्रकार की कोई कश्री नहीं छोड़ी । व्याख्याता डॉ. के.बी. मिश्र व शिक्षिका श्रीमती गीता मिश्रा के सुपुत्र अखिल मिश्र ने प्रतिदिन10 ङ्क से12 ङ्कङ्ख घंटे अध्ययन किया । नवभारत के खेल जगत व विज्ञान से जुड़ी खबरों के दीवाने अखिल को बैडमिंटन एवं शतरंज खेल में रूचि है ।

चंद्रप्रकाश पाण्डेय मेरिट में - प्रावीण्य सूची में छठवां स्थान प्राप्त करने वाले महावीर बाल संस्कार केन्द्र अकलतरा के छात्र चंद्रप्रकाश पाण्डेय को अपनी सफलता को लेकर पूर्ण विश्वास था । रेल्वे में बुकिंग क्लर्क रामकीर्तन पाण्डेय के बड़े सुपुत्र चंद्रप्रकाश पाण्डेय ने प्रतिदिन पांच से छ: घंटे अध्ययन कर यह सफलता अर्जित की है । प्रारंभ से ही मेधावी रहे चंद्रप्रकाश पाण्डेय को राज्य स्तरीय राष्ट_ीय सेवा योजना शिविर जयरामनगर में बेस्ट बालेंटियर का खिताब भी मिला था ।  read more »

मृणाल ओलंपिक टीम में

मृणाल का ओलंपिक टीम में चयन - सर्व युवा ब्राह्मण परिषद के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, शैलेन्द्र शर्मा, ओमप्रकाश मिश्र, हेमंत तिवारी, संजय बिलथरे, धनंजय त्रिपाठी, मुकेश शर्मा, राम किशन, ममता राय, करूणा तिवारी, सुनीता चंसौरिया ने भारतीय हाकी टीम लंबे समय से खेल रहे मृणाल चौबे राजनांदगांव छ.ग. को ओलंपिक में जाने वाली भारतीय टीम में चयन किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आज चौबे परिवार को मृणाल की इस उपलब्धि पर बधाई दी एवं इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरवान्वित निरूपित किया ।

मयंक वन संरक्षक चयनित

रायपुर । सहायक वन संरक्षक के पद पर मयंक पाण्डेय चयनित हुए हैं । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य वन सेवा परीक्षा में मयंक पहले क्रम पर रहे ।

प्रारंभ से ही प्रतिभावान मयंक वर्तमान में महालेखाकार में सेक्शन अधिकारी (आडिट) के पद पर कार्यरत हैं । उनका सपना गजेटेड अफसर बनने का था । जॉब करने के साथ ही उन्होंने अपना सपना साकार कर लिया ।

मयंक ने बताया कि सेक्शन अधिकारी के पद पर रहते हुए भी घर पर नियमित पढ़ाई जारी रखी । उनका कहना है कि जॉब ऐसा हो जिसमें पूरी संतुष्टि मिले।

मयंक पाण्डेय वन सेवा में रहते हुए पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करेंगे ।

कवि बसंत दीवान सम्मानित

छत्तीसगढ़ी एवं आदिवासी भाषा संस्कृति विकास संस्थान द्वारा प्रसिध्द कवि बसंत दीवान की रचनाशीलता के पचास वर्ष पूरे होने पर शाल, श्रीफल, और अभिनंदन पत्र से सम्मानित किया गया । इस दौरान उन पर कें द्रित एक स्मारिका बसंत यात्रा का विमोचन रविवार को महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के सभागृह में किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार आनंदी सहाय शुक्ल ने की ।

इस मौके पर प्रमुख वक्ता हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक रमेश नैयर, प्रभाकर चौबे, नंदकिशोर तिवारी, गिरीश पंकज, रामेश्वर वैष्णव, लक्ष्मण मस्तुरिहा, डॉ. बलदेव थे ।  read more »

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