आप सभी सम्मानीय महानुभावों के बहुमूल्य सामयिक एवं अति उदार सार्थक सहयोग से संपन्न सामूहिक मंगल परिणयों से अभिप्रेरित होकर इस वर्ष भी 7 फरवरी 2010 रविवार फाल्गुन कृष्ण नवमी विक्रम संवत 2066 को 15 वां सामूहिक मंगल परिणय का भव्य आयोजन रखा गया है ।
इस मंगल अनुष्ठान का उद्देश्य समाज के सर्वांगीण विकास हेतु समाज में मितव्ययता, परिवारों में समानता एवं सौहार्दता, स्वस्थ्य मानसिकता , मिलनसारिता, प्रगतिशीलता एवं दूरदर्शिता स्थापित हो सके । इस आयोजन में विवाह में सम्मिलित होने वाले प्रत्येक पक्ष हेतु पंजीयन राशि रुपये 12,001 रुपये सुनिश्चित है । इच्छुक पक्ष रू. 2001 रुपये देकर पंजीयन करवा सकते हैं । शेष राशि दिनांक 20 जनवरी 2010 तक आवश्यक रूपसे जमा कराना होगी । यह कार्यक्रम आपका है इसमे ंसहयोग कर सफल बनाना आपका अपना सामाजिक व नैतिक दायित्व है ।
अधिक जानकारी हेतु संपर्क करे - कार्यालय प्रभारी गिरीश जोशी, 31-4, नार्थ राज मोहल्ला इंदौर-452002

नई दिल्ली । वी के शर्मा ने गुरूवार को नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पद एवं कार्यभार ग्रहण किया । इससे पहले श्री शर्मा एनएफएल में निदेशक तकनीकी के रूप में एनएफएल के निदेशक मंडल में पदस्थ थे उन्हें एनएफएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया था ।
श्री शर्मा इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है और वह 1974 से एनएफएल से जुड़े हए हैं । इन वर्षों के दौरान उन्होंने नंगल, विजयपुर एवं बठिण्डा यूनिटों में विभिन्न रस्तरों पर कार्य किया । वे वर्ष 2004 में बठिण्डा यूनिट के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे इसस पहले वह कारपोरेट कार्यालय में मानव संसाधन विभाग के प्रमुख भी रहे । वर्ष 2006 में श्री शर्मा कंपनी के निदेशक (तकनीकी) के पद पर पदोन्नत हुए ।
वह ब्रह्मपुत्र वेली फर्टिलाईजर कार्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी हैं ।

विप्र वार्ता के अतिथि सम्पादक श्री श्री महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद जी तीर्थ पीठाधिश्वर श्री चक्रमहामेरू पीठम् बिलासपुर छ.ग. read more »
बागबाहरा : आदिवासी बहुल पिछड़े अंचल के छोटे से कस्बे बागबाहरा से कोरिया तक की उड़ान भरने वाले शहीद कौशल यादव खेल पुरस्कार से सम्मानित अंतर्राष्ट्रीय पावर लिफ्टर आलोक द्विवेदी शासकीय नौकरी के लिए भटकने के बाद भी थका नहीं है । बड़े बड़ read more »
रायपुर । रायपुर पुष्टिकर समाज द्वारा बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर में हिरण्यकश्यपु वध एवं नृसिंह अवतार की लीला का आयोजन हुआ । इससे पूर्व हिरम्यकश्यपु की अत्याचारकी लीला का प्रदर्शन जुलूस के माध्यम से किया गया । यह जुलूस गोपाल मंदिर सदर बाजार से प्रारंभ हुआ जो अम्बादेवी मंदिर सत्तीबाजार, बूढ़ापारा श्या मटाकीज रोड होते हुए बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर पहुंचा ।
जुलूस में हिरण्यकश्यपु का अभिनय कर रहे थे राजकुमार व्यास, बच्चे बड़े जैसे ही भगवान श्री हरि की जयजयकार करते हरिण्यकश्यपु क्रोधित हो उन पर कपड़े से बने सोटे की मार लगाते । इस तरह हिरण्यकश्यपु द्वारा अत्याचारकी लीला को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों समेत बच्चों ने खूब आनंद लिया । यह जुलूस मंदिर प्रांगण पहुंचा ।
वहां निर्मित खम्भेनुमा कोठी को फा्रकर भगवान नृसिंह प्रगट हुए उनका भयानक रूप देखते ही बन रहा था । भगवान नृसिंह के रूप में रमेश पुरोहित ने अत्यंत सजीव अभिनय किया । बुढ़ेश्वर मदिर के बाहर भगवान नृसिंह और हिरण्यकश्यपु मे ंपंजा से पंजा लड़ाकर युध्द हुआ हिरम्यकश्यपु बार बार सिंहासन के समीप खड़े प्रह्लाद के पास जाता, भक्त प्रह्लाद की छवि में देवाशीष कल्ला दर्शकों को मंत्र मुग्ध करते रहे । read more »

राजस्थान मे गुर्जर आंदोलन पुरी तरह आरक्षण के उन लाभों पर केन्द्रित है जिसकी भारतीय संविधान में विशेष व्याख्या की गई है । अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए भारत सरकार समय समय पर विशेष कार्यक्रम और योजना प्रस्तावित करती रहती है ।
भारत में सैकड़ो जनजातियां पाई जाती है । एक जनजाति परिवारों या परिवारों के समूह का संकुल होती है, जिसका एक नाम होता है, जिसके सदस्य एक ही क्षेत्र में रहते हैं, विवाह और व्यवसाय से संबंधित कुछ निश्चित निषेधों का पालन करते हैं, एक ही भाषा बोलते हैं तथा लेन देन एवंर् कत्तव्यों के द्वारा बंधे हुए होते हैं । प्रत्येक जनजाति का अपना एक नाम होता है, सामान्य क्षेत्र, सामान्य भाषा और संस्कृति होती है ।
अनुसूचित जनजाति क्या है ? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रपति के आदेशों द्वारा अनुसूचित जनजाति का निर्धारण किया जाता है । 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 8.2 प्रशित है । भारत के संविधान के अनच्छेद 366 (25) में अनुसूचित जनजातियो ंको परिभााषित किया गया है। read more »

बसंत की चर्चा बसंत में और अदिक मुखर हो जाती है । बसंत का संदर्भ सरस्वती पूजा से जुड़ा है। सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी माना गया है ।
जैसे शिशिर और हेमंत से ठिठुरती और धुंध, को हरे से भरी धरती पर बसंत के आगमन के साथ ही एक नई आभा प्रस्फुटित होने लगती है उसी तरह अविद्या और अज्ञान के अंधकार से ग्रस्त व्यक्ति के जीवन में विद्या और ज्ञान से एक नया प्रकाश जगमगा उठता है । विद्या व्यक्ति को मुक्त करती है ।
कहा भी गया है सा विद्या या विमुक्तये । विद्या व्यक्ति को विनय देती है । लेकिन कई बार पाया यह जाता है कि विद्या और ज्ञान पाकर व्यक्ति अहंकार से ग्रसित हो जाता है । उसके मन की निर्मलता और निश्छलता कहीं लुप्त हो जाती है । वह सहज और सरल नहीं रह पाता । व्यावहारिकता और दुनियादारी उसे चतुराई और चालाकी की ओर प्रवृत्त करती है । अपनी विद्या और ज्ञान के बल पर वह अपढ़ किन्तु सरल व्यक्ति को मूर्ख बनाने लगता है पर यह भी निश्चित है कि अंतत: सरलता ही व्यक्ति के काम आती है ।
शायद इसी संदर्भ में कबीर ने कहा है - 98183-0359059.
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय । read more »

बड़ी कामयाबियां हमेशा स्वत:स्फएर्त आंदोलनो ंसे चलकर निकलती है । देश की आजादी का आंदोलन भी किसी ने रूपरेखा बनाकर नहीं शुरू किया था । यह किसी एक मंलाकालेज पांडे का वैयक्तिक गुस्सा भी नहीं था । यह पूरे देशकी बगावत और गुस्सा था ।
जिसने अंग्रेजों को हिन्दुस्तान से खदेड़ दिया । अब आतंकवाद,नक्सलवाद को खदेड़ने की बारी है ।अगर युवा उठ खड़े हुए हैं तो इनमें इतना दम नहीं है कि वह उनका मुकाबला कर सके । ध्यान रखिये आजादी की लड़ाई का भी नेतृत्व उस जमाने के आम से लेकर खास युवाओं के ही हाथ में था । बड़ी लड़ाइयां महज वही सफलता हासिल नहीं करती, जिसका लक्ष्य लेकर लड़ी जाती है,5-6 बड़ी लड़ाइयां जब जीती जाती है तो वह तमाम दूसरे लक्ष्य भी हासिल कर लेती है जो पहले से भले निशाने पर न हो ।
योजनाओं का हिस्सा न हो, इसलिए अगर समाज उठ खड़ा हुआ है,1.7.1982बी.ए.,2.4.1978 युवा जाग गए हैं.. तो वह महजर् कत्तव्यों के विरूद्द ही समर नहीं जीतेंगे बल्कि समाज की तमाम दूसरी बीमारियों का भी इलाज कर देंगे । read more »

युवा संदेश डाट-काम पर ब्लाग करे
विप्र वार्ता परिवार की एक पहल आपके सामने है विप्र वार्ता डाट ओ.आर.जी. ई मेग्जीन के रूप में यह हमारी आने वाली एक आ रही पीढ़ी के दिग्दर्शन का माध्यम बनेगी । लेकिन हम समाज अभिन्न अंग है । और समाज में हमारा सर्वोच्च स्थान है इस नाते हमारार् कत्तव्य बनता है कि हम देश की आने वाली एवं आ रही युवा पीढ़ी का भी मार्गदर्शन करें ।
भाईयों हमारी इसी कल्पना और आप सभी के प्रप्त हो रहे पत्रों और भावनाओं ने हमें इस दिशा में प्रेरित किया और आप के समस्त सोशल नेटवर्किंग साईट युवा संदेश डाट काम लेकर आये हैं ।
आदरणीय हमें अपने समक्ष आ रही कठिनाईयों से नई पीढ़ी की को निजात दिलानी है । इसके लिए यह उपयुक्त फोरम है जिस पर अपने नित प्रतिदिन के विचार ब्लाग के रूप हम कर देश दुनिया के साथ सरकार को भी दिशा दे सकते हैं । read more »
सरल, सौम्य और सहज व्यवहार के धनी श्रीपाण्डे को इस वर्ष केन्द्र सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार देने का निर्णय लिया है । इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वे कहते हैं कि यह जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि कतई नहीं बल्कि आजादी मिलना सबसे बड़ी उपलब्धि रही । राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने डॉ. पांडे को बधाईयां दी तथा शिक्षा और साहित्य में दिये उये उनके योगदान को सराहा ।
आजाद चौक निवासी प्रसिध्द आयुर्वेदाचार्य डॉ. महादेव प्रसाद पांडे जीवन के 79 बसंत देख चुकी इस शख्सियत ने पुरस्कार के लिये चयनित होने पर प्रतिक्रिया दी अच्छी चीज हर उम्र में अच्छी लगती है लेकिन पद्मश्री सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है बल्कि आजादी है अंचल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में से एक श्री पांडे ने बचपन से ही संघर्ष किया जब13 वर्ष के थे तभी गांधी जी के आंदोलन से प्रेरित होकर जेल चले गये । 1953 से 70 तक आयुर्वेद महाविद्यालय में लेक्चरर, रीडर और प्रोफेसर के नाते कार्य करते रहे । उसके बाद कई वर्षो। तक वे जबलपुर और रायपुर आयुर्वेद कालेज में प्राचार्य के पद पर भी रहे ।
पद्मश्री पुरस्कार से नवाजे गये शहर के प्रसिध्द आयुर्वेदाचार्य डॉ. महादेव प्रसाद पांडे की धर्मपत्नी आयुर्वेदाचार्य डॉ. करुणा पांडे, जो कि छत्तीसगढ़ की पहली महिला वैद्य हैं कहती हैं - यह पुरस्कार तो बहुत पहले मिलना था । read more »
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