14 अप्रैल, 1926 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में जन्में श्री रामशंकर अग्निहोत्री 1944 में मंडला जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। वे 1949 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, महाकौशल के संगठन मंत्री नियुक्त हुए और 1951 में विंध्य read more »
रविशंकर त्रिपाठी - एक परिचय
जन्म -18 दिसंबर 1955
पिता-श्री चंद्रिका प्रसाद त्रिपाठी
शिक्षा - बी.एस.सी., एम.ए., एल.एल.बी.
स्व. रविशंकर त्रिपाठी के अवसान ने सरगुजा की राजनैतिक इतिहास को एक मोड़ देकर समाप्त कर दिया है । आजादी के 6 दशक बाद सरगुजा में स्थापित और गैर स्थापित राजनीति के टकरावके बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरे थे । सक्रियता के चंद वर्षो में रवि भैया सही मायनों में सरगुजा की मौजूदा राजनैतिक धूरी के प्रमुख केन्द्र थे , जिनसे उम्मीद जागी थी और उम्मीदों पर वे खरे भी उतरे । सहज और आम चेहरा था रवि भैया का ।
बाल सखा से लेकर राजनैतिक मित्रता पर एक ही छाप थी कि वे बिन्दास थे। सरगुजा के हर पहलु पर उनकी नजर होती थी और सबकी नजर उन पर । भटगांव विधानसभा क्षेत्र में जुड़ी नई पीढ़ी के साथ वहां के उपेक्षित और पहुंच विहीन इलाके में कुछ कर पाने का द्रवित भाव था। छात्र राजनीति की हर ऊंचाईयां उनके छात्र सखाओं को याद है । चाहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डे या मौजूदा नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, सत्ता और उपेक्षा दोनों के ही काल में रवि दादा थे उनके आदर्श । अंबिकापुर शहर का कोई छोटा बड़ा मामला भी उनके लिये उतना ही गंभीर था जितना किसी पुराने प्रतिष्ठिïत शख्स को सम्मान देने का हौसला ।
हमेशा सक्रिय रहे भटगांव में उन्होंने जीतने के बाद न आने और बाहरी होने के मिथक को भी तोड़ दिया । हर छोटे बड़े कार्यक्रम में शिरकत करअपने मतदाताओं केसाथ विरोधियों को भी दो वर्षों में एहसास करा दिया कि भटगांव उनका था और उनका ही रहेगा । 1996 में उन्हें संगठन से दायित्व मिलना शुरू हुआ इसके पहले तक उपेक्षा और आरोपों से घिरे थे, मगर 1996 के बाद उन्होंने साबित कर दिया कि वे सरगुजा राजनीति के सिर्फ विध्वंसक चाणक्य ही नहीं, संगठन निर्माण में भी उतने ही पारंगत है ।
96 से 2004 तक संक्रमण काल में भाजपा की बागडोर सम्हाली और सत्तारोहण के बाद सरगुजा के सबसे सशक्त भाजपा अध्यक्ष के रूप में भी स्थापित हुए , मगर उनकी शैली कभी नहीं बदली, विरोध के तेवर भी उपेक्षा के काल जैसी ही रही और सफलता पाने की सांगठनिक क्षमता ने उन्हें सरगुजा के सबसे मजबूत राजनैतिक ताकत के रूप में स्थापित कर दिया । फिर भी वे अपने बालसखा से लेकर राजनैतिक प्रतिस्पर्धाओं के लिए रवि और रवि भैया के रूप में ही स्थापित रहे ।
सफलता का यह क्रम और शैली उनके मृत्यु पर्यन्त तक चला । 2008 का विधानसभा चुनवा उनके और भाजपा के लिए सबसे चुनौती भरा था । सशक्त आदिवासी नेता शिवप्रताप के सात भटगांव के स्थापित नेताओं के विरोध के बीच चुनाव लडऩे को तात्पर्य आखरी लड़ाई थी जिसमें राजनैतिक पतन की आशंका ज्यादा और स्थापित होने की आस कम ही थी ।
इस निर्णायक लड़ाई में अपने 25 वर्षों की समूची राजनैतिक क्षमता को जोंक उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे स्थापित होना भी जानते हैं , उनकी यह जीत सिर्फ पार्टी या संगठन की नहीं बल्कि आम लोगो ंकी जीत थी जिसका एहसास था उन्हें । सरगुजा की हर सुगबुगाहट रवि भैया से होकर गुजरने लगी । इस ऊंचाई का आभास होने के बावजूद वे सजग थे अपने भविष्य को लेकर , जो शायद जल्द ही आने वाली थी । इस उम्मीद का इंतजार सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि सरगुजा के हर उस वर्ग को था जिन्हें सरगुजा और अपने भविष्य की चिंता थी . मगर यह उम्मीद पहले ही टूट गई । मुकाम बनना तय था मगर रास्ते ने ही बीच में साथ छोड़ दिया । read more »
श्रीमती शांति बाजपेयी
रायपुर। नयापारा निवासी श्रीमती शांति बाजपेयी का कैलाशपुरी स्थित चन्द्रशेखर बाजपेयी के निवास में निधन हो गया। वह पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुशील त्रिवेदी, संतोष त्रिवेदी, सुनील त्रिवेदी, सुधीर , सतीख, शिरीष, रवि तथा शशांक त्रिवेदी की बुआ तथा स्व. रस्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी, स्वतंत्र प्रसाद त्रिवेदी तथा अशोक त्रिवेदी की बहन थी । उनका अंतिम संस्कार मारवाड़ी श्मशान घाट में किया गया । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजली ।
रूपा बाई गुहे
रायपुर । विवेकानंद नगर निवासी श्रीमती रूपा बाई गुहे 92 वर्ष का निधन हो गया । वे डॉ. राजीव आरती, संजय कल्पना गुहे व दिव्या सोलंकी की माता थी ।विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजली ।
कमलादेवी शर्मा
रायपुर । पत्रकार नारायण शर्मा की माता श्रीमती कमलादेवी शर्मा 78 का आज रात जयपुर राजस्तान में निधन हो गया । उनका अंतिम संस्कार जयपुर में होगा । वे पांच पुत्रों एवं दो पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गये । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजली ।
लक्ष्मीकांत चतुर्वेदी
रायपुर । गोल चौक रोहणीपुरम निवासी लक्ष्मीकांत चतुर्वेदी (नकटी वाले) का मंगलवार को निधन हो गया । वह विपिन चन्द्र व नवीन चनद्र चतुर्वेदी सोनू के पिता, रामानुज चौबे के भाई, तथा इंका नेता नीलमणी चौबे व बालमुकुन्द चौबे के चाचा थे । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजली ।
फेकन बाई तिवारी
रायपुर । पथर्रा बेमेतरा निवासी फेकन बाई तिवारी 91 वर्ष का शुक्रवार को निधन हो गया । वे रामविशालतिवारी की पत्नी, श्रीम संगीत महाविद्यालय के सेवानिवृत्त व्याख्याता राजेन्द्र तिवरी, राजेश तिवारी एवं ज्ञानेश तिवारी की माता तथा नेशनल लुक के संपादक प्रशांत शर्मा एवं अधिवक्ता भूपेन्द्र शर्मा की बुआ थी । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजली ।
जसोवंती सतपथी
रायपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. जयदेव सतपथी (पूर्व विधायक बसना) read more »
द्वारिका प्रसाद बेहार
रायपुर । द्वारिका प्रसाद बेहार 91 वर्ष का निधन हो गया। वे बाल विकास विभाग के सचिव सुरेन्द्र कुमार बेहार के पिता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव शरचदंद्र बेहार तथा छत्तीसगढ़ प्रखासन अकादमी के संचालक चंद्रहास बेहार के चाचा थे । उनकी अंतिम यात्रा में मनोहर पांडे, गणेश शंकर मिश्रा, दुर्गेश मिश्रा,बी.एल तिवारी, सुयोग्य कुमार मिश्रा एवं सुरेन्द्र दुबे सहित अन्य लोग शामिल थे । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित ।
असित कुमार भट्टाचार्य
रायपुर । नेहरू नगर निवासी श्री असित कुमार भट्टाचार्य 74 वर्ष की आयु में संध्या निधन हो गया। श्री एस.के. भट्टाचार्य के बड़े भाई तथा श्रद्धा किराया भंडार के संचालक अजय भट्टाचार्य , विजय भट्टïाचार्य व बंगाली कालीबाड़ी समिति के कार्यकारिणी सदस्य संजय भट्टाचार्य के पिताजी थे। विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजलि
अर्पित ।
डॉ. विद्यानंद दुबे
रायपुर। ब्राह्मïणपारा निवासी डॉ. विद्यानंद दुबे (78) वर्ष का निधन हो गया । वे डॉ. राकेश दुबे, विपिन विकास, विवेक व रूचिर दुबे के पिता थे । आप रायपुर शहर के पुराने प्रसिद्ध चिकित्सक थे। सरल , मधुर व्यवहार से अपने मरीजों में लोकप्रिय थे । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित ।
वरिष्ठï पत्रकार दीनदयाल पुरोहित
रायपुर । अंग्रेजी दैनिक हद हितवाद के स्थानीय सम्पादक एवं वरिष्ठï पत्रकार पुरोहित का निधन हो गया । 65 वर्षीय श्री पुरोहित को शुक्रवार को रात दफ्तर में ही ब्रेन हेमरेज के बाद रामकृष्ण केयर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था । वे अपन पीछे पत्नी, पुत्र, नंदकिशोर पुरोहित व दो पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए । मूलत: नागपुर निवासी स्व. पुरोहित विगत कुछ वर्षों हितवाद के स्थानीय संपादक के पद पर कार्यरत थे । इस दौरान उन्होंने अपनी लेखनी से छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता में विशिष्टï पहचान बनायी थी ।
सहज सरल स्वभाव के श्री पुरोहित हिन्दी, अंग्रेजी और मराठी भाषाओं के एक विद्वान चिंतक, लेखक और कलम के धनी एक कर्मठ पत्रकार थे । वे अपने जीवन के अंतिम क्षण तक पत्रकारिता के माध्यम से देश और समाज की सेवा मे ंलगे रहे । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित । read more »
दुर्गा प्रसाद पटेरिया
रायपुर । अधिवक्ता संग के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद पटेरिया 91 वर्ष का 29 अक्टूबर को निधन हो गया । उनका अंतिम संस्कार मारवाड़ी श्मशान घाट में किया गया । वे अनिल एवं अशोक पटेरिया के पिता व कांग्रेस नेता ललित तिवारी के बहनोई तथा पूर्व सचिव हितेन्द्र तिवारी के सीनियर थे । उनके निधन पर अधिवक्ता संघ ने दो मिनट का मौन धारण कर श्रध्दांजलि अर्पित की । इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष पवन सोनी, राज्य अधिवक्ता परिषद के राम नारायण व्यास, विधायक कुलदीप जुनेजा सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए ।
जगतनारायण शर्मा
रायपुर ।शिवम विहार अमलीडीह निवासी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के रिटायड डिप्टी रजिस्ट्रार व ज्योतिषी जगतनारायण शर्मा 84 वर्ष का सोमवार 14 दिसंबर को निधन हो गया । वे अरूण, विजय, प्रदीप मोहिले व नीरू सारस्वत के पिता थे । अंतिम संस्कार 15 दिसंबर को दोपहर 2 बजे मारवाड़ी श्मशान घाट में किया गया ।
श्रीमती क्रान्ति त्रिवेदी
श्री धननीधर त्रिवेदी मुख्य आयकर आयुक्त (रिटा.) एवं चेयरमैन आल इंडिया कान्यकुब्ज बोर्ड दिल्ली की धर्मपत्नी स्व. श्रीमती क्रांन्ति त्रिवेदी के निधन हो गया । श्रीमती क्रान्ति त्रिवेदी मशहूर साहित्यकार थी और समाज में भी महिला हित रक्षक के रूप में एक आगेवान थी । श्रीमती त्रिवेदी का जन्म छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 सितम्बर 1930 को हुआ था । पं. रविशंकर शुक्ल की आखिरी सन्तान थी । 1930 में गांधीजी का स्वतंत्रता आंदोलन चला था इसलिए उनके पिता ने उनका नाम क्रान्ति रखा था । नागपुर वि.वि. में एम.ए. डिग्री प्राप्त की , 19 फरवरी 1951 को उनका विवाह इटावा निवासी पं. रघुनाथ प्रसाद त्रिवेदी के सुपुत्र श्री धरनीधर त्रिवेदी से हुआ । इनके बड़े पुत्र डॉ. प्रजापति भारत सरकार में सचिव है, द्वितीय पुत्र विश्वपति गृह मंत्रालयमें अतिरिक्त सचिव है । और पुत्री श्रीमती आराधना शुक्ल आई.ए.एस. लखनऊ में कार्यरत है । जिनका विवाह पं. प्रदीप शुक्ल आई.ए.एस. के साथ हुआ है , जो लखनऊ में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के पद पर है ।
श्रीमती क्रान्ति त्रिवेदी हिन्दी की प्रख्यात लेखिका रही है अपने जीवनकाल में इन्होंने लगभग 40 से अधिक उपन्यास व कहाानियां लिखी है। उ.प्र. हिन्दी संस्थान ने वर्ष 2005 में हिन्दी साहित्य की सेवा हेतु पं. दीनदयाल उपाध्याय सम्मान से उन्हें नवाजा गया है ।
श्रीमती संध्या मिश्रा को श्रध्दांजली
सर्व ब्राह्मण महासभा जिला राजनांदगांव के मार्गदर्शक श्री रामकुबेर मिश्रा की पुत्रवधु एवं बालकृष्ण मिश्रा, सहदेव नगर की धर्मपत्नी श्रीमती संध्या मिश्रा का अल्पआयु में बैकुंठवास हो गया । श्रीमती मिश्रा के स्वर्गवास पर सर्व ब्राह्मण महासभा जिला राजनांदगांव के सर्वश्री विजय पाण्डे, रमेश पटाक, मधुसूदन शुक्ला, शशिकांत अवस्थी, अशोक चौधरी, सुनील बाजपेई, भारत भूषण पाण्डे, वीरेन्द्र शुक्ला व समस्त कार्यकारिणी ने अपनी शोक संवेदना प्रकट की है ।
सामाजिक चिंतक सत्यनारायण शर्मा का निधन - स्व. श्री सीताराम तिवारी के सुपुत्र सत्यनारायण शर्मा जी का जन्म 15.7.1932 को हुआ था उसका निधन 1 जून 2009 को हो गया । श्री शर्मा जिलाधीश कार्यालय रायपुर में सेवारत रहते हुए 1990 में सेवानिवृत्त हुए । ग्राम पोंता के निवासी श्री शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती इंदिरा शर्मा उनके दो पुत्र राकेश शर्मा (सी.एस.ई.बी. कोरबा ) एवं मुकेश शर्मा (विप्र वार्ता परिवार) हैं । उनकी पुत्री श्रीमती अंजू उपाध्याय । read more »
नवागढ़ तहसील के छोटे से गांव बर्रा में प्रबोधिनी एकादशी (19 अक्टूबर 1919) को स्व. लक्ष्मी प्रसाद शर्मा जी के घर जन्मे बालक का नाम पिता ने शिव में अपनी अपार शर्धा के रूप में शिव प्रसाद रखा । इनकी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर इंटर मीडिएट अजमेर बोर्ड से उत्तीर्ण की जिसके बाद स्नातक की डिग्री मारिश कालेज नागपुर से प्राप्त की तथा इसी महाविद्यालय से 1944 में इतिहास विषय पर स्नातकोत्तर की उपाधि गोल्डमेडलके साथ अर्जित किये फिर विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के उपरांत वे अधिवक्ता के रूप में अध्यवसाय के लिए जांजगीर को चुनते हुए जीवन पर्यन्त जांजगीर में रह सामाजिक व राजनीतिक तथा कृषि के कार्य में लगे रहे ।
पं. शिव प्रसाद शर्मा जी ने लोकतंत्र की प्रथम सीढ़ी पंचायत से प्रारंभ की तथा 1952 में जनपद सभा के प्रथम अध्यक्ष तथा 1967 तक लगातार इसी पद पर बने रहे तथा मित्रों के बीच चेयरमेन के नाम से विख्यात हुए । read more »
छत्तीसगढ़ एवं देश के गौरव राष्ट्रभक्त स्व. विष्णु प्रसाद शर्मा जी, एडव्होकेट का दुखद निधन 18 जुलाई 2009 को एम.एम.आई. अस्पताल रायपुर में हो गया। उनका अंतिम संस्कार गृह नगर कांकेर में राजकीय सम्मान के साथ की गई 24 अक्टूबर 1923 को जन्में 86 वर्षीय पं. शर्मा का पूरा जीवन गांधीमय था ।
सन् 1942 के स्वाधीनता आंदोलन में सक्रियता से भाग लेकर 9 एवं 10 अगस्त को रायपुर के केन्द्रीय जेल में बंद थे । उससे पूर्व भी वे अनेक क्रांतिकारियों को छुपाने का कार्य करते थे । जिसके कारम रायपुर कोतवाली में घण्टों भूखे प्यासे पूछताछ के लिए बैठाया करते थे ।
स्वाधीनता आंदोलन के अलावा वे इंदिरा गांधी जेल भरो आंदोलन में बहुत बड़े जत्थे के साथ जगदलपुर जेल में 15 दिवस जेलयात्रा उन्होंने की । अलावा इसके कई राष्ट्रीय आंदोलनों में वे अनेक बार जेल यात्रा की ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रभावित होकर वे सन 1944 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की । तब से मृत्युपर्यन्त तक पार्टी के भीतर अनेक उतार चढाव देखते हुए तथा किसी भी प्रकार के प्रलोभन में न आकर कांग्रेस के सक्रिय सदस्य बने रहे । read more »
नगर निगम स्कूल रायपुर से सेवानिवृत्त शिक्षक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बद्रीनारायम तिवारी (पौंता वाले) का निधन हो गये वे 82 वर्ष के थे । अंतिम यात्रा मारवाड़ी श्मशान घाट में किया गया । श्री तिवारी बीएसपी में कार्यरत आनंद, टोहड़ा तिल्दा के आयुर्वेद चिकित्सक अधिकारी डॉ. प्रवीण एवं योगेश तिवारी के पिता थे । विप्र वार्ता परिवार की ओर से श्रध्दांजलि ।
देश धर्म रक्षक के संस्थापक, संपादक एवं मालिक ब्राह्मण समाज की सेवा में समर्पित भोपाल के प्रमुख समाज सेवी श्री धर्मराज केले का निधन गत दिनों ग्वालियर में हो गया । वे अपने अनुज के निवास पर पारिवारिक कार्यक्रम में वहां पहुंचे थे । जहां उनकी अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्होंने अपनी अंतिम सांसे ली ।
विप्र वार्ता परिवार के कार्यालय में गत वर्ष रायपुर आगमन के अवसर पर उनका सम्मान समारोह आयोजित किया गया ।
सेवा निवृत्त होने के बाद वे और उनकी धर्मपत्नि सम्पूर्ण जीवन ब्राह्मण समाज को समर्पित कर दिया । समाज के हित के लिए देश धर्म रक्षक के नाम से उन्होंने समाचार पत्र तक प्रकाशित करना प्रारंभ किया । उनके कृत्य सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे । read more »
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