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विप्रवार्ता का स्वर्ण जयंती विशेषांक ५० वा अंक जुलाई २०१०

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विप्रवार्ता के स्वर्ण जयंती विशेषांक को एतिहासिक स्वरुप देने विप्रवार्ता के साथी चिन्तक लगे है यह अवसर पर राज्य के विप्र गोरव का सम्मान मुख्य मंत्री डॉ रमण सिंह के करकमलो किये जाने की आशा है जिनमे स्व. रविशंकर त्रिपाठी की पत्नी श्रीमति रजनी त्रिपाठी को उनका मरणौपुरांत गौरव सम्मान दिया जायेगा साथ ही नव नियुक्त सांसद राज्‍य सभा श्री अविनाश पाण्‍डेय नागपुर, नव नियुक्त निगम मंडल अध्यच श्री बद्रीधर दीवान ,श्री अशोक शर्मा , श्री कृष्णा राय, नेता प्रतिपछ श्री रविन्द्र चोबे, विधायक एवं महंत रामसुंदर दास महंत दूधाधारी मठ, विधान सभा में पिछले वर्षो में उत्क्रिस्ट प्रेस रिपोर्टर श्री बाबूलाल शर्मा ,श्री राजेस दुबे, श्री श्रीनिवास राव, राजेश मिश्रा का सम्मान किया जायगा !  read more »

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विप्र वार्ता का 50 वां स्वर्ण जयंती विशेषांक विमोचित

विप्र वार्ता राष्टï्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका के 50 वें स्वर्ण जयंती विशेषांक का विमोचन रायपुर नगर के ऐतिहासिक एवं सिद्ध मंदिर भगवान दुधाधारी मंदिर बाला जी भगवान रायपुर के समक्ष परिसर में मठ के महंत राजेश्री महंत रामसुन्दर दास विधायक छत्तीसगढ़ विधानसभा के कर कमलों एवं मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ । कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य श्री पुरंदर मिश्रा एवं रायपुर नगर पालिका निगम के नेता प्रतिपक्ष भारतीय जनता पार्टी के युवा पार्षद श्री सुभाष तिवारी एवं पूर्व पार्षद एवं विप्र वार्ता की सलाहकार संपादक श्रीमती रमादेवी शर्मा समग्र ब्राह्मïण प्रांतीय महासभा छत्तीसगढ़ की उपाध्यक्षा श्रीमती सावित्री बेन जोशी रायपुर जिला सह संयोजिका श्रीमती सुनिता चंदसोरिया, प्रांतीय सचिव पी. भानुजी राव भिलाई की उपस्थिति में संपन्न हुआ ।  read more »

विभूति ....

"देवीभागवत" और "शिवपुराण" में शंकर के अंग में लगाने की भस्म को विभूति कहा है। विष्णु के स्थायी ऎश्वर्य को भी विभूति कहा गया है। आठ दिव्य शक्तियों का संयुक्त नाम भी विभूति है। इसके अन्तर्गत अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा आदि को गिना गया है। "योगदर्शन" में एक अध्याय का नाम विभूतिपाद है। एक अस्त्र को भी विभूतिपाद कहा गया है। श्रीराम ने अपने गुरू विश्वामित्र से इसे ग्रहण किया था। कालिदास ताकत और बड़प्पन के अर्थ में विभूति शब्द का प्रयोग करते हैं। समृद्धि, कल्याण और प्रतिष्ठा के अर्थ में भी विभूति शब्द देखा गया है। कंडों की राख को भी विभूति कहते हैं। भभूत शब्द इसी रास्ते भाषा में आया है।

विप्र ....

वेद ब्रह्मा, विधाता और परमात्मा से सम्बन्ध रखने वालो को ब्राह्मण कहते हैं। वेद में बताये अनुसार आचरण करने वाले को विप्र कहा गया है। वेद ब्रह्मा के मुख से निकले हैं इसलिए वेदो के अध्धयन करने वाले को ब्राह्मण या विप्र कहते हैं। "मनुस्मृति" में विद्वान और तपस्वी मुनि के लिए विप्र शब्द का प्रयोग हुआ है। विप्र वर्ण का अर्थ ब्राह्मण होता है विद्वान और विप्र एक दूसरे के पूरक है,विद्वान शब्द का अर्थ होता है वेद का ज्ञाता , इसलिए विद्वान को विप्र कहते हैं। "ऋग्वेद" का कथन है "ब्राह्मणोùस्य मुखमासीत्।" यानी ब्राह्मण ब्रह्मा के मुख से जन्मे हैं।विष्णु के ह्वदय पर भृगुमुनि की लात के निशान को विप्रचरण कहा गया है। "रामचरितमानस" में कहा गया है - "उर मनि- हार पदिक की सोभा/विप्रचरन देखत मन लोभा।"
"मेघदूत" में प्रेमियों के बिछोह को विप्रयोग कहा गया है। "रघुवंश" में कलह और असहमति के अर्थ में विप्रयोग शब्द मिलता है। इस प्रकार विप्र के साथ अन्य उपमाये अलंकृत की गयी है <>

कर्मकांडी ब्राह्मणों प्रोत्शाहन

जय जय परशुराम छग के सभी ब्राह्मणों के लिए भरत तिवारी का प्रणाम
. विप्रवार्ता पत्रिका के माध्यम से देश के सभी ब्राहमणों के संघठन द्वारा जो कार्य किये जा रहे है वे इस पत्रिका के माध्यम से हर विप्र तक पहुच रहे है पत्रिका के संपादक महोदय से अनुरोध है की आप समाज मे जो उत्क्रिसत कार्य कर रहे है उन विप्र बंधुओ के नाम पते और कांट्रेक्ट नब .लिस्ट उनकी जानकारी पत्रिका में उपलब्ध कराये ताकि सभी विप्र बंधुओ से हमारा संपर्क व संवाद आपस में स्थापित हो सके
२ . बुंदेलखंड युवा सर्व ब्रह्माण समाज बिगत कई वर्षो से कर्मकांडी ब्राहमणों की लड़ाई लड़ रहा है आज अगर ब्रहामनात्व जीवित है और भारत की संस्कृति को अगर जीवित रखना है तो कर्मकांडी ब्राह्मणों को प्रोत्शाहन एवं संरक्च्हन देना होगा कर्मकांडी ब्राह्मणों की कई परिवार को हमारे संघटन ने बहुत नजदीकी से देखा है अगर उस परिवार के बच्चे की इक्चा है की उसको अच्छा भोजन मिले /नए कपडे मिले , उस परिवार किसी बेटी का विवाह हो जाये तो उस की पूर्ती नहीं कर पा रहा है  read more »

शरद् पूर्णिमा अमृत वर्षा, कविसम्मेलन

आश्विन मास के शुक्लपक्ष की रात्रि पूर्णिमा के दिन शरद् पूर्णिमा मनाया जाता है। इस रात्रि में भगवती लक्ष्मी की अर्चना और उनके निमित्त जागरण करने से देवी अवश्य प्रसन्न होती हैं। आयुर्वेद के मत से शरद् पूर्णिमा की चांदनी में अमृत गिरता है। इस रात्रि में गाय के दूध से बनी खीर को रात भर चांदनी में रखकर दूसरे दिन प्रात:सेवन करने से आरोग्य और दीर्घायु प्राप्त होती है।  read more »

ग्लोबल ब्राहमण हिन्दू वाद , अमेरिका साम्राज्यवाद

गाँधी ने इस देश ब्राहमण बनिया राज की शुरुवात की , यूनिक आइ डी अमेरिका साम्राज्यवाद ,हिदू ब्राहमण वाद के हितो की रक्छा के लिए आजमाया जा रहा है विडिओ देखे विचार करे ,सरकार भी चिंता करे कार्यवाही करे यदि सही हो तो इनको कम से कम एक साल के लिए वित्त मंत्री बना दिया जाये कृपया विडिओ देखे ,सुने और आपने विचार जरुर उपायों के साथ यहाँ टाइप करे ............................  read more »

मां लक्ष्मी की तपस्थली है बेलवन लक्ष्मी मंदिर

वृंदावन मथुरा के यमुना पार स्थित जहांगीरपुरग्राम,डांगौली, मांट का बेलवन लक्ष्मी देवी की तपस्थली है। यहां लक्ष्मी माता का अत्यंत सिद्ध भव्य मंदिर है।यहाँ पौषमाह में लक्ष्मी माता की जय- जयकार सुनाई देती है। हर वर्ष असंख्य श्रद्धालु यहां अपनी सुख-समृद्धि के लिए मनोकामना करने आते हैं। यहां पौषमाह के प्रत्येक गुरुवार को विशाल मेला भरता है। प्राचीन काल में इस स्थान पर बेल के वृक्षों की भरमार थी इस लिए इस स्थान को बेलवन कहते है भगवन श्री कृष्ण-बलराम यहां अपने सखाओं के साथ गायें चराने आया करते थे। श्रीमद्भागवत में इस स्थान की महत्ता का वृहद् वर्णन है। भगवान् श्री कृष्ण ने जब सोलह हजार एक सौ आठ गोपिकाओं के साथ दिव्य महारासलीला की तब माता लक्ष्मी देवी के हृदय में भी इस लीला के दर्शन करने की इच्छा हुई और वह बेलवनजा पहुंची, परंतु उसमें गोपिकाओं के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश वर्जित था।  read more »

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Vipra Video

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